अमेरिका के न्यूयॉर्क में इस समय दुनियाभर के नेताओं का जमावड़ा लगा है। संयुक्त राष्ट्र महासभा की बैठक से इतर ब्रिक्स देशों के विदेश मंत्रियों की बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर शामिल हुए। जिसमें भारत की ओर से आर्थिक अपराध कर देश छोड़कर भागने वाले और आतंकवाद के मुद्दों को मजबूती से उठाया गया. बीते गुरूवार को अमेरिका की राजधानी न्यूयोर्क में हुई सार्क देशों की बैठक के दौरान खूब ड्रामा देखने को मिला. जब भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर और पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह मेहमूद कुरैशी ने एक-दूसरे के भाषण का बहिष्कार किया.

इन सब के बीच बीते काफी समय से दुनियाभर के देशों के सामने कश्मीर का मुद्दे का रोना रोने वाले पाकिस्तान के अंदर क्या हालात हैं उसकी तस्वीर न्यूयॉर्क की सड़कों पर दिखाई दी है। न्यूयॉर्क में कई ट्रकों पर ऐसे डिजिटल विज्ञापन लगे हैं। जिन पर कराची में अल्पसंख्यकों पर अत्याचार के बारे में बताया गया है।

यह विज्ञापन एक संस्था 'वॉइस ऑफ कराची' की ओर से लगाए गए हैं। वॉइस ऑफ कराची के चेयरमैन नदीम नुसरत ने कहा, 'पाकिस्तान को अपना घर ठीक करना चाहिए और अपने ही लोगों की हत्या करना बंद करना चाहिए। वे कश्मीर की बात कर रहे हैं लेकिन उसी समय वह कराची, बलूचिस्तान, खैबर पख्तूनख्वा और देश के अन्य क्षेत्रों में बड़े स्तर पर मानव अधिकारों का हनन कर रहे हैं।'

दूसरी ओर न्यूयॉर्क में मौजूद कराची के पूर्व मेयर वसे जलील ने कहा, 'मुहाजिरों के खिलाफ अत्याचार हो रहे हैं, यह दशकों से चला आ रहा है, हमने 25 हजार से ज्यादा लोगों को खोया है और हजारों लोगों को जबरन गायब किया गया है। हम दुनिया को बताना चाहते हैं कि पाकिस्तान ने हमारी क्या हालत कर दी है।'