1947 में भारत से अलग होने के बाद पाकिस्तान की किस्मत में एक और बंटवारा लिखा था। पश्चिमी पाकिस्तान की उपेक्षा और सियासी तिरस्कार से पूर्वी पाकिस्तान के लोगों में जन्मे आक्रोश ने पाकिस्तान के इतिहास और भूगोल को हमेशा-हमेशा के लिए बदल दिया। वो तारीख थी, 16 दिसम्बर 1971 और घटना थी - बांग्लादेश के मुक्ति की। मुक्ति पाक सेना के अत्याचारों से, उनके शोषण से, उनके कुकृत्यों से, सियासी तिरस्कारों से। 16 दिसंबर को पाकिस्तान का पूर्वी हिस्सा आजाद हो गया और दुनिया के नक्शे पर एक नए मुल्क बांग्लादेश का जन्म हुआ। दरअसल बांग्लादेश के जन्म की पृष्ठभूमि से जुड़ी बात ये है कि पाकिस्तान के तत्कालीन सैन्य तानाशाह याह्या खान ने आम चुनाव में विजयी रहने के बाद भी मुस्लिम लीग के नेता शेख मुजीब-उर-रहमान को पीएम नहीं बनने दिया। उन्हें पीएम बनाने के बजाए जेल में डाल दिया गया। पूर्वी पाकिस्तान के नेता के साथ हुई इस घटना ने सियासी तौर पर दरकिनार किए जाने वाले पाकिस्तान के पूर्वी इलाके में आक्रोश को जन्म दे दिया।