मेडिकल साइंस की दुनिया में 19 अक्टूबर की तारीख़ को बहुत ही सम्मान से याद किया जाता है। यह खोज टीबी जैसी जानलेवा बीमारियों के खिलाफ़ इंसान के लिए वरदान की तरह है। दुनिया में होने वाली मौतों में हर 9वीं मौत टीबी के कारण होती है। टीबी बैक्टीरिया के कारण होने वाली संक्रामक बीमारी है। पीड़ित व्यक्ति द्वारा हवा के माध्यम से इसके जीवाणु फैलते हैं। इससे ज्यादातर फेफड़े प्रभावित होते हैं, इसका दुष्प्रभाव एब्डोमेन, किडनी, स्पाइन, ब्रेन या शरीर के किसी भी अंग की हड्डी पर पड़ता है। इससे शरीर की रोग-प्रतिरोधक क्षमता खत्म होती है और अंत में रोगी की मौत हो जाती है। सामान्यी खांसी को नजरअंदाज करने से टीबी हो सकता है, इसलिए अगर दो हफ्ते से ज्यादा समय तक खांसी हो तो डॉट्स सेंटर पर जाकर बलगम की जांच करानी चाहिए। इस वीडियों में हम आपको बताएंगे कैसे हुआ टीबी की बीमारी से बचने के लिए दवाई का आविष्कार