घरों में सुबह-शाम जिसे हम कूड़ा समझकर फेंक देते हैं, वास्तव में उनकी कीमत हजारों रुपये में है। पूरी दुनिया में इसका सालाना कारोबार कई अरब रुपये का है। वैश्विक बाजार में भारत और पाकिस्तान इस मार्केट के प्रमुख निर्यातक हैं। दोनों देशों में इस कारोबार पर कब्जा करने की होड़ मची हुई है। दुनिया के कई विकसित देश इसके खरीदार हैं।