New Delhi: भारत और पाकिस्तान के बीच एक बार फिर करतारपुर कॉरिडोर को लेकर आज अहम बैठक हुयी है. इसमें कॉरिडोर पर जारी गतिरोध दूर करने की रणनीति बनी.चर्चा में शिरकत करने के लिए भारतीय प्रतिनिधिमंडल वाघा बॉर्डर पहुंचा और दोनों देशों के अफसरों के बीच द्विपक्षीय वार्ता हुयी है।

 मीडिया को संबोधित करते हुए पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता डॉ. मोहम्मद फैसल ने कहा कि करतारपुर कॉरिडोर को लेकर आज एकबार फिर भारत और पाकिस्तान के अधिकारियों के बीच बातचीत होनी है। वाघा (पाकिस्तान) में करतारपुर कॉरिडोर पर अपने पाकिस्तानी समकक्षों के साथ द्विपक्षीय बैठक करने के लिए भारतीय प्रतिनिधिमंडल वाघा सीमा पर पहुंचा गया है। भारत और पाकिस्तान के अधिकारियों की करतारपुर कॉरिडोर और संबंधित तकनीकी मुद्दों के तौर-तरीकों को अंतिम रूप देने के लिए मुलाकात होनी है। करतारपुर कॉरिडोर पर जारी बैठक के बीच पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा है कि, ' पाकिस्तान करतारपुर कॉरिडोर को संचालित करने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध और सहयोग कर रहा है। 70% से अधिक गुरुद्वारा का निर्माण कार्य पूरा हो गया है। हमें आज उत्पादक चर्चा होने की उम्मीद है।'

भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व गृह मंत्रालय में संयुक्त सचिव (आंतरिक सुरक्षा) एससीएल दास और विदेश मंत्रालय में पाकिस्तान, अफगानिस्तान और ईरान के संयुक्त सचिव दीपक मित्तल ने किया हैं। करतारपुर पर दोनों देशों के अधिकारियों बीच रविवार को होने वाली बात चीत पहले दो अप्रैल को होनी थी। बैठक में इस बात पर चर्चा होनी थी कि कौन-कौन से श्रद्धालु करतारपुर में गुरुद्वारा दरबार साहिब जा सकेंगे, कॉरिडोर में श्रद्धालुओं की आवाजाही कैसे होगी, कौन-कौन से दस्तावेज आवश्यक होंगे और क्या यह वीजा मुक्त होगा। साथ ही श्रद्धालुओं की सुगम, सुरक्षित व निर्बाध आवाजाही के लिए सुविधाओं पर भी विचार किया जाएगा।