भारत और नेपाल के बीच सदियों पुराना नाता है। सामाजिक, आर्थिक, सांस्कृतिक और धार्मिक रूप से दोनों देश एक दूसरे के करीबी हैं। 1950 से लेकर अब तक नेपाल में जितनी भी समस्याएं आईं भारत ने उसमें हमेशा साथ दिया। ये बात अलग है कि दोनों देशों के बीत रिश्तों में उतार चढ़ाव आते रहे हैं। अब नेपाल में वामदलों के सरकार में आने के बाद इस तरह की संभावना जताई जा रही है कि भारत और नेपाल के बीच रिश्तों में नरमी देखने को मिल सकती है। इन आशंकाओं के बीच विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने काठमांडू का दौरा किया था। दो दिवसीय दौरे के दौरान विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने नेपाल में कई नेताओं से मुलाकात की। सुषमा ने कहा कि हम राजनीतिक स्थिरता और विकास की दिशा में नेपाल का पूरा सहयोग करेंगे। पिछले कुछ सालों में नेपाल में आंतरिक उठा-पटक की वजह से दोनों देशों के संबंधों में कड़वाहट दिखी। नेपाल, भारत पर आरोप लगाता रहा है कि वो नेपाल के आंतरिक मामलों में दखल दे रहा है।