हिंद महासागर में 1,192 टापूओं वाला देश मालदीव राजनीतिक तौर पर संवेदनशील हो गया है। मालदीव की सुप्रीम कोर्ट के आदेश को मौजूदा राष्ट्रपति अब्दुल्ला यमीन ने मानने से न केवल इंकार कर दिया बल्कि अपने सौतेले भाई मौमून अब्दुल गयूम और सुप्रीम कोर्ट के दो जजों को गिरफ्तार कर लिया। इसके साथ ही राष्ट्रपति यमीन ने 15 दिन के लिए आपातकाल लगा दिया है। इन सबके बीच पूर्व राष्ट्रपति मोहम्मद नशीद ने भारत से सैन्य हस्तक्षेप की मांग की है। भारत का भी कहना है कि मौजूदा सरकार को सुप्रीम कोर्ट के फैसले का सम्मान करना चाहिए। लेकिन चीन को ये सब नागवार गुजर रहा है। चीन का कहना है कि भारत को दूसरे देश की संप्रभुता का सम्मान करना चाहिए। मालदीव में जो हालात बने है उसमें भारत सरकाक को बहुत सावधानी के साथ आगे बढ़ना होगा। भारत को बलपूर्ण कूटनीति पर काम करना होगा अगर उसके हितों को किसी तरह का नुकसान पहुंचता है। भौगोलिक स्थिति भी भारत की भूमिका को बढ़ा देता है। मालदीव में हर पल बदल रहे राजनीतिक हालात पर भारत को नजर बनाए रखना होगा।