कट्टर इस्लामिक शासन के तौर-तरीकों, नागरिक अधिकारों पर बढ़ती पाबंदियों और सीरिया, लेबनान आदि देशों के चरमपंथी गुटों को समर्थन देने की नीति से उकताए ईरानी नागरिकों में सरकार के खिलाफ काफी रोष हैं। वे ईरान के सर्वोच्च धार्मिक नेता सैयद अली खामैनी समेत मुल्ला-मौलवियों के खिलाफ मुखर होकर सड़क पर अपना विरोध जता चुके हैं। क़रीब हफ़्ते भर चले विरोध प्रदर्शनों के दौरान कई लोगों की जान गई और सैकड़ों लोगों को गिरफ्तार किया गया। इसके चलते दुनिया भर की निगाहें ईरान में हो रहे विरोध प्रदर्शनों पर जम गई हैं। ईरान की स्थिति पर विचार के लिए अमेरिका ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में नोटिस दिया है। परिषद ने बहुमत के आधार पर नोटिस को स्वीकार कर लिया है। जल्द ही ईरान में चल रहे सरकार विरोधी आंदोलन और उससे निपटने के तरीकों पर चर्चा होगी। इस आंदोलन में अभी तक 21 लोग मारे जा चुके हैं। रूस ने इसे ईरान के अंदरूनी मामले में अनावश्यक हस्तक्षेप करार दिया है।