चीन ने 23 लाख सैनिकों के संख्याबल वाली अपनी पीपुल्स लिबरेशन आर्मी में तीन लाख सैनिक कम कर दिए हैं। अब पीएलए में 20 लाख सैनिक रह गए हैं। इस कदम का मकसद दुनिया की सबसे बड़ी थलसेना को आधुनिक युद्ध जीतने में सक्षम बनाना है।चीनी सेना के आधिकारिक अखबार पीएलए डेली ने कहा कि ऐसे जवानों की संख्या में कटौती की गई है जो लड़ाई में हिस्सा नहीं लेते। साल1980 तक पीएलए में45 लाख सैनिक थे। इसमें पहली कटौती 1985 में की गई जिससे इसका संख्या बल 30 लाख हो गया और बाद में इसमें जवानों की संख्या घटकर 23 लाख हो गई। बता दें कि दुनिया की सबसे बड़ी आर्मी में लाख की कटौती के बारे में राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने वर्ष 2015 में घोषणा किया था।

पीएलए डेली के अनुसार थल सेना की कटौता कर मेरिन और वायु सेना की शक्ति को बढ़ाकर आधुनिकीकरण किया जाएगा। बता दें कि चीन ने सेना में आधुनिकीकरण अभियान को आगे बढ़ाने का प्रयास करते हुए इस साल रक्षा खर्च में 8.1 प्रतिशत की वृद्धि करके 175 अरब डॉलर किये जाने की घोषणा की। यह भारत के हालिया रक्षा बजट का करीब करीब चार गुना है। भारत का रक्षा बजट करीब 46 अरब डॉलर का है।