शशांकासन..इस आसन में शरीर का आकार खरगोश के समान होने के कारण इसे शशांकासन कहते हैं। दोनों घुटनों के फैलाकर हाथों को घुटनों के बीच रखें। अब धीरे-धीरे सांस छोड़ते हुए हाथों को बिना मोड़े आगे की ओर झुकें जबतक की आपका सर जमीन को ना छुए। क्षमता के अनुसार कुछ देर तक सांस रोककर इसी अवस्था में बने रहें। शरीर की इस अवस्था को शशांकासन कहते हैं। अब धीरे-धीरे अपनी पुरानी स्थिति में वापस लौट जाएं। ये आसन पीठ दर्द और गर्दन दर्द को दूर करने में सहायक है। दमा, मधुमेह और हृदय रोग से पीड़ित व्यक्ति के लिए ये आसन उपयोगी है।