शवासन..शव का अर्थ होता है मुर्दा अर्थात अपने शरीर को मुर्दे समान बना लेने के कारण ही इस आसन को शवासन कहा जाता है। पीठ के बल लेटकर दोनों पैरों में ज्यादा से ज्यादा अंतर रखते है। पैरों के पंजे बाहर और एड़ियां अंदर की ओर रखते हैं। आंख और मुख को बंद कर लें और हल्की-हल्की सांस लें। अपना पूर ध्यान अब अपनी सांसों पर लगाएं। दूसरे किसी विचार को अपने अंदर न आने दें। मानसिक और शरीरिक थकान को दूर करने में ये आसन सहायक है।