नाड़ीशोधन या अनुलोम-विलोम..इस प्राणायाम में सांस लेने और छोड़ने की विधि को बार-बार दोहराया जाता है।अपनी सुविधानुसार पद्मासन या सुखासन की मुद्रा में बैठ जाएं। अपने दाहिने हाथ के अंगूठे से नाक के दाए छिद्र को बंद कर लें और बाएं छिद्र की ओर से सांस अंदर की ओर खींचे। अब अपनी बाईं नाक को अंगूठे की बगल वाली दो उंगलियों से बंद कर दें उसके बाद दाएं नाक सें अंगूठे को हटाकर सांस बाहर निकालें। अब दाएं नाक से ही सांस अंदर की ओर भरें और फिर दाई नाक के छिद्र को बंद कर बाईं नाक से सांस बाहर निकालें। इस क्रिया को पहले 3 मिनट तक करें और बाद में इसका अभ्यास 10 मिनट तक करें। यह योग आपको स्वस्थ और निरोग रखने में मदद करता है।