हमने तो बचपन में कभी नहीं सुना था कि किसी को ग्‍लूटेन फ्री डायट की जरूरत होती है। लेकिन पर्यावरण की स्थिति और बढ़ती एलर्जी के कारण ग्‍लूटेन संवेदनशीलता बढ़ती जा रही है।