राज्‍यसभा में एनएमसी बिल पास हो गया है, एनएमएसी बिल यानि नेशनल कमीशन बिल । इस बिल का डॉक्‍टरों ने लगातार विरोध किया। वहीं सरकार ने इसे जनता के हित से जुड़ा हुआ बिल बताया।  वैसे इस बिल पर सबसे पहे विरोध 2017 में हुआ था,  केंद्र सरकार ने 2017 में एमसीआई को भंग कर एनएमसी के गठन की तैयारी शुरू कर दी थी।नेशनल कमीशन बिल अब अब इंडियन मेडिकल काउंसिल एक्‍ट, 1956 को रिप्‍लेस करेगा। भारत में फिलहाल मेडिकल एजुकेशन पर नजर रखने की और मेडिकल से  जुड़े तमाम नियम कानून बनाने की जिम्‍मेदारी एमसीआई यानि मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया की थी। नेशनल मेडिकल कमीशन की जरूरत ही क्यों महसूस हुई। दरअसल, नीति आयोग को एमसीआई की कार्यप्रणाली पर ऐतराज था। आयोग मानना था कि काउंसिल में डॉक्टरों की लॉबी सक्रिय रहती है, ऐसे में यह  मूल मकसद से भटक जाती है। वैसे इस बिल का समर्थन करने वाले लोगों का कहना है कि इससे देश में मेडिकल सुविधाएं बढ़ेगी।