पूरा देश मुरादाबाद को पीतल नगरी के नाम से जानता है। पीतल पर नक़्क़ाशी उकेरते हाथों की आवाज लगभग हर दूसरे घर से आती है। ज्यादातर कारीगरों को ये काम विरासत में मिला है। लेकिन, धीरे-धीरे इस विरासत के निशान गुम हो रहे हैं। अनुभा भोंसले ने पीतलनगरी के उस्तादों से बात की और जाना कि पीतल के काम पर GST और नोटबन्दी का क्या असर रहा और 2019 के चुनाव को लेकर पीतल कारोबार से जुड़े लोग क्या सोचते हैं।