किसी भी चुनाव में महिलाओं के खिलाफ खास कर महिला प्रतिद्वंद्वियों के खिलाफ अभद्र, आपत्तिजनक, सेक्सिस्ट टिप्पणियां कोई नई बात नहीं हैं। ऐसा कोई राजनैतिक दल नहीं, जिनके नेता इस मुद्दे पर नैतिक मूल्यों का पालन कर सकें। 

 कभी-कभी जिन राजनेताओं ने यह बयान दिया होता है वो अपने आप को मीडिया द्वारा तोड़-मरोड़ कर पेश किये जाने की बात करते हैं। कभी-कभी इलेक्शन कमीशन उन पर कार्यवाही करता हैं, लेकिन कुछ ही समय बाद सब कुछ पहले जैसा हो जाता है और फिर यही बातें दोहराई जातीं हैं। राजनीति में मर्यादा की अपेक्षा रखना कोई बड़ी बात नहीं होनी चाहिए। जागरण डॉट कॉम पर हम इस पर कड़ी नज़र रखेंगे।