छत्तीसगढ़ में तीसरे चरण में सभी 11 सीटों में मतदान पूरा हो गया। अब नतीजों का इंतजार है। प्रदेश में ग्रामीण इलाकों में जहां मतदाताओं में मतदान का उत्साह दिखा वहीं शहरी इलाकों में वोटर कमोबेश कम निकले। नक्सल प्रभावित बस्तर में 70 फीसद मतदान हुआ था। पहले चरण में मतदान का जो ट्रेंड सेट हुआ वह दूसरे चरण में भी जारी रहा। राजनांदगांव, महासमुंद और कांकेर में दूसरे चरण में मतदान हुआ था। इन तीनों सीटों को भी नक्सल प्रभावित माना जाता है। इन सीटों पर औसतन 72.99 फीसद मतदान हुआ। तीसरे चरण में मंगलवार को मैदानी इलाकों की सात सीटों पर मतदान था। इनमें सरगुजा, रायगढ़, बिलासपुर, कोरबा के कुछ इलाके ऐसे थे जो जंगल में हैं। जिन जगहों से मतदाताओं को पैदल चलकर मतदान केंद्रों तक जाना पड़ा वहां तो जमकर मतदान हुआ है जबकि रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग के शहरी इलाकों में वोटर अलसाए रहे और यहां कम मतदान हुआ है। तीसरे चरण की सात सीटों पर शाम 5 बजे तक जो आंकड़ सामने आए हैं वहां औसतन करीब 65 फीसद मतदान हुआ है। यह आंकड़े अनंतिम हैं और इसमें थोड़ा बहुत फेरबदल हो सकता है। लेकिन इसके बावजूद यह स्पष्ट है कि शहरों की बनिस्बत ग्रामीण इलाकों में मतदाताओं का उत्साह ज्यादा रहा है।

छत्तीसगढ़ में सभी 11 लोकसभा सीटों पर मतदान पूरा होने के बाद अब जो स्थिति नजर आ रही है उसपर नईदुनिया न्यूज रूम से स्टेट ब्यूरो टीम के मेंबर्स ने आपसी चर्चा की। इस चर्चा में नईदुनिया छत्तीसगढ़ के स्टेट ब्यूरो चीफ अनिल मिश्रा, प्रिंसिपल करसपॉन्डेन्ट संजीत कुमार, अनुज सक्सेना और मृगेंद्र पाण्डेय शामिल रहे।