यूपी की करीब 3.5 लाख़ की आबादी वाले लखीमपुर खीरी लोकसभा क्षेत्र की निघासन विधान सभा क्षेत्र की जनता आजादी के 72 साल से विकासवाद की राह देख रही हैं क्षेत्र की जनता के लिए निघासन से लखनऊ जाने के लिए पूरे दिन में केवल दो सरकारी बसें, शाहजहांपुर व बरेली जाने के लिए कोई सेवा नहीं। पिछले पंद्रह साल से सरकारी अस्पतालों में एक भी महिला डाक्टर नहीं है निघासन विधान सभा क्षेत्र में होने वाली इन्हीं समस्यों को लेकर दैनिक जागरण की ओर से चुनावी चौपाल आयोजन किया गया । आइए सुनते हैं कि ग्रामीणों ने बाढ़ के अलावा और मुद्दों पर क्या कहा…

टाउन एरिया की मांग वर्षों से नक्कार खाने में तूती की तरह दबी है। मुंसिफ कोर्ट की बिल्डिंग बनकर तैयार है लेकिन वादकारियों के लिए सुलभ नहीं है। चीनी मिलें हैं लेकिन गन्ने का बकाया आसमान छू रहा है। बाढ़ कटान की समस्या से पूरा इलाका ही खोखला हुआ जा रहा है। जिला पंचायत इंटर कालेज में 4200 छात्र छात्राएं हैं लेकिन उनको पढ़ाने की जिम्मेदारी केवल दो टीचरों के मजबूत कंधों पर है। राजकीय इंटर कालेज में केवल एक ही टीचर है। पंचपेड़ी घाट का पुल केवल नेताओं के वादों में शामिल रहता है कब जमीन पर आएगा पता नहीं। 15 गांवों को बुरी तरह से प्रभावित करने वाले घाघी नाला पर बांध कब बनेगा कब ग्रामीण राहत पाएंगे कुछ पता नहीं।

बेसहारा पशुओं से हर दिन हो रही फसलों की तबाही पर रहनुमा कब इनसे निजात दिलाएंगे। पोस्टमार्टम हाउस बनकर तैयार है लेकिन वह खुद ही लाश बन चुका है और मैनपावर के अभाव में चल ही नहीं पा रहा। सड़कों का हाल भी कुछ खास बेहतर नहीं और उस पर अतिक्रमण से लगने वाले जाम से कस्बे में निकलना ही मुश्किल है। ये सारी दिक्कतें निघासन वालों की हैं। शनिवार को दैनिक जागरण की चौपाल में कस्बे के जागरुक लोगों, वकीलों, किसानों ओर व्यापारियों ने ऐसी तमाम मूलभूत सुविधाओं की ओर माननीयों का ध्यान आकृष्ट कराया जिस पर नेता अब तक केवल थोथे वादे करते हैं और कुछ नहीं।