मुरादाबाद यानि पीतलनगरी अभी भी जीएसटी और नोटबंदी से जूझ रही है। भारत में बनने वाले पीतल के सामान का लगभग 4 प्रतिशत मुरादाबाद के उद्योगों में तैयार होता है, लेकिन जीएसटी और नोटबंदी का पीतलनगरी पर खासा असर पड़ा है। मुरादाबाद में मुस्लिम मतदाता बड़ी संख्या में हैं और उनका वोट चुनाव में निर्णायक होता है। अनुभा भोंसले ने पीतलनगरी के दस्तकारों से बात की और जाना कि पीतल के काम पर जीएसटी और नोटबंदी का क्या असर रहा और 2019 के चुनाव को लेकर पीतल कारोबार से जुड़े लोग क्या सोचते हैं।