बहराइच (यूपी): नेपाल से निकलकर सरयू नदी बहराइच जिले में प्रवेश करती है सरयू नदी का जल विषाक्त हो जाने से हजारों जलजीव रोज मर रहे हैं। म सरयू का जल न तो आचमन लायक रह गया है न पीने और न स्नान करने लायक। नरिया घाट से लेकर गोलवाघाट तक सरयू का निर्मल स्वरूप बदरंग हो गया है। नदी नाले में तब्दील हो गई है। नरियाघाट पर अनारकली झील से आने वाले नाले का गंदा पानी गिरने से सरयू का जल काला हो गया है। जिससे मीरपुर कस्बे की गरीब नई बस्ती कुपोषण से ग्रस्त है और साथ ही सरकारी योजनाओं से महरूम है। नई बस्ती में लोगों को होने वाली समस्याओं को लेकर  दैनिक जागरण ने सरयू नदी के किनारे नरियाघाट पर चुनावी चौपाल का आयोजन किया ...जिसमें क्षेत्र के लोगों ने अपना दर्द साझा किया।  चौपाल में दर्द बयां करते-करते महिलाओं व पुरुषों के आंखों में आंसू छलक आए। रुंधे कंठ से लोगों ने कहा कि नेताजी बताओ सरयू मइया का जल कब निर्मल होगा।  

सरकार की पीएम आवास व शौचालय योजना यहां धरातल पर नहीं उतर सकी है। नगरपालिका भी शहर का कूड़ा नदी में डाल रहा है। पूर्व डीएम ने इस बस्ती को गोद लिया था, लेकिन मां के आंचल का पल्लू फटा होने और सुविधाओं के अभाव में कुपोषित होकर यह कस्बा दम तोड़ रहा है।

नगरपालिका की हठधर्मिता के कारण शहर का कूड़ा नदी के किनारे डंप कराया जा रहा है। कूड़े से उठने वाले दुर्गंध के कारण पूरा क्षेत्र प्रभावित है। गंदे नाले का पानी सीधे नदी में गिराया जा रहा है, जिससे नदी प्रदूषित हो चुकी है। नदी का पानी भी जहरीला हो गया है। सेवार जलकुंभी से नदी का बहाव रुक गया है। नदी का पानी पीने से आसपास के लोग बीमार हो रहे हैं। नदी को अविरल और निर्मल बनाने के लिए नेताओं को प्रयास करना चाहिए।