प्रवर्तन निदेशालय ने 25 हजार करोड़ के महाराष्ट्र सहकारी बैंक घोटाले में शरद पवार और उनके भतीजे अजीत पवार सहित कई और नेताओं के खिलाफ मामला दर्ज किया है. विधानसभा चुनाव की सरगर्मी के बीच पवार पर मामला दर्ज होने की घटना ने सूबे में सियासी माहौल को गरमा दिया है. एनसीपी के कार्यकर्ता सड़कों पर उतर आए हैं. 2019 लोकसभा चुनाव परिणाम के बाद कांग्रेस और एनसीपी के कई नेता बीजेपी और शिवसेना के पाले में चले गए हैं. छत्रपति शिवाजी महाराज के वंशज उदयनराजे भोसले भी बीजेपी में शामिल हो चुके हैं. शरद पवार को मराठों का निर्विवाद नेता माना जाता रहा है लेकिन ईडी द्वारा दर्ज किए गए मामले के बाद उन्होंने दिल्ली से दो-दो हाथ करने के साफ संकेत दे दिए हैं.