धूम्रपान न सिर्फ सेहत के लिए खतरनाक है, बल्कि यह भविष्य में जमा हो सकने वाले लाखों रुपए को भी धुएं में उड़ा देता है। इस मामले में मध्यप्रदेश के मंदसौर जिले के कोटड़ा बुजुर्ग निवासी जगदीश विश्वकर्मा मिसाल हैं। महज 15 साल की उम्र में धूम्रपान नहीं करने का संकल्प लिया और रोजाना 12 रुपए बचाकर 35 साल में चार लाख रुपए जोड़ लिए। जगदीश विश्वकर्मा अब 50 साल के हैं। छोटी-सी बचत से पहले कच्चे घर को सपनों का आशियाना बनाया। बच्चों का घर भी बसाया और अब बचत की राशि से उनका बुढ़ापा भी संवरेगा। एक सिगरेट सामान्यतया 10 से 15 रुपए की आती है। मान लीजिए कोई 12 रुपए की सिगरेट दिन में दो बार पीता है, तो वह रोज के 24 रुपए धुएं में उड़ा रहा है। यानी महीने में 720 रुपए और साल के 8,760 रुपए की बर्बादी। यदि धूम्रपान करने वाली उम्र 18 साल है और 50 साल की उम्र तक सिगरेट पीता है, तो इतने साल में दो लाख 80 हजार 320 रुपए कश मारते हुए बर्बाद कर चुका होगा। रोज पांच सिगरेट पीते हैं, तो 32 साल में यह आंकड़ा 7 लाख 800 रुपए तक पहुंच जाएगा।