पेड़-पौधों के जरिए हमें जीवनदायी स्वच्छ पर्यावरण मिलता है। प्राण वायु के श्रोत वृक्षों से ही पृथ्वी का संरक्षण संभव है। मानव सभ्यता के इतिहास का एक दौर हरियाली के दोहन और इसके दुष्परिणाम का साक्षी रहा है। अतीत की गलतियों से सीख लें कर अब हम प्रकृति संरक्षण की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।