अगर समय पर बचत या खर्च के प्रूफ  दे पाने के कारण आपका टैक्स ज्यादा कट गया है तो इनकम टैक्स रिटर्न फाइलकरके आप रिफंड क्लेम कर सकते हैं। इसके अलावा अगर रिटर्न भरने में अगर कोई गलती हो गई है तो आयकर विभाग इनमेसुधार का मौका भी देता है। अपने इस वीडियो में आप बता रहे हैं कि करदाता कितनी बार और कैसे आईटीआर में सुधार करसकता है।

क्यों भरा जाता है रिवाइज्ड आईटीआर: -मुंशी (emunshe. Com) के टैक्स एक्सपर्ट और चार्टेड अकाउंटेंट अंकित गुप्ता नेबताया कि रिवाइज्ड आईटीआर उस सूरत में भरा जाता है जब आपके आईटीआर में कुछ गलतियां रह गई हों। आप उन्हेंइसके जरिए सुधार सकते हैं। रिवाइज्ड रिटर्न आयकर की धारा 139 (5) के तहत भरा जाता है। रिवाइज्ड आईटीआर सिर्फवही व्यक्ति भर सकता है जिसने वित्त वर्ष 2017-18 के लिए अपना आईटीआर तय तारीख से जो सामान्यत: 31 जुलाईहोती है से पहले भर लिया हो। ध्यान रहे विभाग की ओर से इसको कई बार बढ़ा भी दिया जाता है। अगर किसी ने अपनाआईटीआर तय समय में फाइल नहीं किया था तो वह करदाता इसमें संशोधन नहीं कर सकता है।