विभाग ने ग्राहकों की ओर से मिनिमम अकाउंट बैलेंस रखनें पर दी जाने वाली फ्री सर्विसेज के एवज में टैक्स की मांग की है।अपने खाते में मिनिमम बैलेंस रखने वाले ग्राहकों को बैंक एक लिमिट तक फ्री एटीएम ट्रांजेक्शन, चेकबुक और डेबिट कार्ड जैसी सुविधाएं फ्री देता है। अगर बैंक विभाग की ओर से मांग किये गये टैक्स का भुगतान करता है तो माना जा रहा है कि वह ग्राहकों शुल्क लेना शुरू कर सकता है।

इस टैक्स की गणना बैंकों की ओर से उन ग्राहकों से चार्ज वसूलने को देखने के बाद की गई है जिन्होंने अपने खाते में मिनिमम बैलेंस की शर्त को पूरा नहीं किया हुआ। बैंकों के लिए यह सबसे बड़ी चिंता बन गई है। बैंक को यह समझ नहीं आ रहा कि वह ग्राहकों से पहले का टैक्स कैसे वसूलें।