जॉन अब्राहम जब से निर्माता बने हैं अपने निर्माण में बनने वाली फिल्मों के विषयों को लेकर हमेशा अचंभित करते रहे हैं। स्पर्म डोनर पर आधारित विकी डोनर हो या राजीव गांधी हत्याकांड पर आधारित मद्रास कैफे, निर्माता के तौर पर जॉन अब्राहम को मल्टी लेयर सब्जेक्ट हमेशा से लुभाते आए है। इस बार भी एक ऐसी ही फिल्म लेकर आये हैं जॉन, नाम है बाटला हाउस। निर्देशक निखिल आडवाणी ने जिस तरह से इस जटिल कहानी को सेल्यूलाइट पर उकेरा है वह वाकई तारीफे काबिल है| सशक्त और बुद्धिमत्ता से परिपूर्ण स्क्रीनप्ले, मजबूत कहानी और लगातार आप को व्यस्त रखने वाला ट्रीटमेंट फिल्म को एक अलग ही मुकाम पर ले जाता है|