हाइपरथाइरॉयडिज़्म या हाइपर थायराइड के आयुर्वेदिक उपचार आजकल काफी प्रचलित और कारगर हैं । दरअसल थाइराइड ग्रंथि से थाइराइड हार्मोन पैदा होता है। यह ग्रंथी शरीर की हर कोशिका, अंग और ऊतक पर प्रभाव डालती है। साथ ही यह शरीर का तापमान,शरीर का वजन, हार्ट रेट, पाचन क्रिया, ऊर्जा सबको नियंत्रित करती है। थाइराइड की स्थिति में जब थाइराइड हार्मोन अधिक बनता है तो उस स्थिति को हाइपर-थाइरॉइडिस्म कहा जाता है। हाइपर-थाइरॉइडिस्म में यह ग्रंथि ज्यादा प्रभावी होती है और थाइराइड हार्मोन (थाइरॉक्सिन) ज्यादा पैदा करती है। अगर गर्भावस्थाम के दौरान मां को थायराइड समस्या है तो बच्चे को भी थायराइड की समस्या हो सकती है। अगर बच्चों में थायराइड की समस्या हो तो उनका शारीरिक और मानसिक विकास प्रभावित होता है। बच्चों में अगर थायराइड समस्या है तो बच्चों के चिकित्सक से संपर्क कीजिए।  इस वीडियो में हम आपको बताएंगे कि क्या है हाइपरथाइरॉयडिज़्म के आयुर्वेदिक उपचार। देखें वीडियो ।