हाइपरटेंशन या उच्च रक्तचाप, जिसे धमनी उच्च रक्तचाप भी कहते हैं, एक पुरानी चिकित्सीय स्थिति है जिसमें धमनियों में रक्त का दबाव बढ़ जाता है।दबाव की इस वृद्धि के कारण, रक्त की धमनियों में रक्त का प्रवाह बनाये रखने के लिये दिल को सामान्य से अधिक काम करने की आवश्यकता पड़ती है। रक्तचाप में दो माप शामिल होती हैं, सिस्टोलिक और डायस्टोलिक, जो इस बात पर निर्भर करती है कि हृदय की मांसपेशियों में संकुचन हो रहा है या धड़कनों के बीच में तनाव मुक्तता हो रही है। आमतौर पर 140/90 से ऊपर के रक्तचाप को अतितनाव (हाइपरटेंशन) के रूप में परिभाषित किया जाता है. अगर दबाव 180/120 से ऊपर है तो इसे घातक माना जाता है.उच्च रक्तचाप का कोई लक्षण नहीं होता. समय के साथ, यदि इसका इलाज न हो, तो इससे स्वास्थ्य संबंधी कठिनाइयां, जैसे हृदयरोग और स्ट्रोक हो सकते हैं.इस वीडियो में हम आपको बताएंगे हाइपरटेंशन के आयुर्वेदिक उपचार ।