अंधकार पर प्रकाश के विजय का पर्व दीपावली इस वर्ष नवंबर को है। इस दिन धनसंपदा और वैभव की देवी लक्ष्मी और प्रथम पूज्य श्रीगणेश की पूजा करते हैं।  ब्रह्मपुराण में लिखा है— 'कार्तिक की अमावस्या को अर्धरात्रि के समय माता लक्ष्मी सद्गृहस्थों के घरों में जहां-तहां विचरण करती हैं कार्तिक अमावस्या को माता लक्ष्मी भगवान गणेश का पूजन करने का विधान है। अमावस्या तिथि नवम्बर मंगलवार को ही रात में 10 बजकर 07 मिनट से लग रही हैजोनवम्बर 2018 दिन बुधवार को रात में 09 बजकर 19 मिनट तक रहेगी। इस प्रकार उदया तिथि में अमावस्या का मान सूर्योदय से ही मिल रहा है। साथ हीप्रदोष काल का भी बहुत ही उत्तम योग है। प्रदोष काल शाम 05:19 से 07:53 बजे तक रहेगा। पूजन एवं खाता पूजन हेतु शुभ मुहूर्त्त स्थिर लग्न वृश्चिक दिन  को 07:16बजे से लेकर 09:33 तककुम्भ स्थिर लग्न दिन 1:26 से 2:57 तकवृष स्थिर लग्न शाम 6:02 से 7:58 तक विद्यमान रहेगा।