विवेक राव, मेरठ : चौ. चरण सिंह विश्वविद्यालय (सीसीएसयू) नए साल में विश्व फलक पर चमकने को तैयार है। अभी तक दीमक का निवाला बनने वाले शोध ग्रंथ अब 'शोधगंगा' से जुड़कर ज्ञान का प्रकाश फैलाएंगे। विश्वविद्यालय की राजा महेंद्र प्रताप सेंट्रल लाइब्रेरी ने एमओयू (मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग) साइन किया है। अब यहां के हर रिसर्च को डिजिटल फार्म में पढ़ा जा सकेगा। सीसीएसयू के थीसिस को विश्वभर में पढ़ने की सुविधा नए साल से मिलने की संभावना है।

यूजीसी का इनफ्लिबनेट सेंटर, अहमदाबाद देश के सभी विश्वविद्यालयों की सेंट्रल लाइब्रेरी को जोड़ने का काम कर रहा है। यह सेंटर 'शोधगंगा' प्रोजेक्ट के नाम से डाटा बेस तैयार कर रहा है। देश के सभी विश्वविद्यालयों की सेंट्रल लाइब्रेरी की थीसिस को डिजिटल फार्म में जोड़ा जा रहा है। सीसीएसयू, मेरठ की सेंट्रल लाइब्रेरी भी इस साल 'शोधगंगा' से जुड़ गई है। इसके तहत करीब तीन हजार थीसिस को डिजिटल फार्म में तैयार किया गया है। इस महीने के अंत तक 'शोधगंगा' पर सभी थीसिस अपलोड हो जाएंगे। नए साल यानी जनवरी, 2014 से इसे दुनिया के किसी भी कोने से पढ़ने की सुविधा उपलब्ध होगी।

एक क्लिक में खुलेंगे पन्ने

'शोधगंगा' प्रोजेक्ट के तहत थीसिस पढ़ने के लिए www.द्बठ्ठद्घद्यद्बढ्डठ्ठद्गह्ल.ड्डष्.द्बठ्ठ वेबसाइट पर लॉग इन करना होगा। इसके बाद 'शोधगंगा' लिंक पर क्लिक करते ही आप ज्ञान की गंगा से रूबरू हो जाएंगे। यहां आपको इस प्रोजेक्ट से जुड़े सभी विश्वविद्यालयों की लिस्ट मिलेगी। इनमें से किसी भी एक विश्वविद्यालय पर क्लिक करने के बाद उस विवि में अब तक किसी भी विषय पर किए गए शोध को पढ़ा जा सकता है। यहीं नहीं जरूरत के हिसाब से किसी भी शोध को सेव करने या प्रिंट लेने की सुविधा भी उपलब्ध रहेगी। मोबाइल पर इंटरनेट कनेक्शन है तो मोबाइल के माध्यम से भी थीसिस पढ़ सकेंगे। विश्वविद्यालयों के रिसर्च में नकल करने की शिकायत भी सामने आती रही है। 'शोधगंगा' में सारे रिसर्च आने के बाद नकल करके थीसिस लिखने वालों पर भी अंकुश लगेगा।

जेएनयू के पांच हजार से अधिक शोध

जेएनयू, नई दिल्ली 5,150 शोध अपलोड कर चुका है। यूपी में बुंदेलखंड विश्वविद्यालय 1,982 शोध अपलोड कर चुका है। सीसीएसयू इस महीने के अंत तक करीब तीन हजार रिसर्च को डिजिटल फार्म में अपलोड कर देगा।

टॉप टेन में होगा सीसीएसयू

सेंट्रल लाइब्रेरी के पुस्तकालयाध्यक्ष डा. जमाल अहमद सिद्दीकी का कहना है कि चौ. चरण सिंह विश्वविद्यालय में प्रदेश के अन्य विश्वविद्यालयों के मुकाबले में शोध की संख्या कहीं अधिक है। सेंट्रल लाइब्रेरी में वर्ष 1968 से अब तक 9,575 थीसिस रखे गए हैं। ये सभी शोध डिजिटल फार्म में करके 'शोधगंगा' से जोड़े जाएंगे। इस प्रोजेक्ट में सीसीएसयू की लाइब्रेरी के टॉप टेन में रहने की संभावना है।

देशभर में 151 विवि जुड़े

'शोधगंगा' से अभी तक देशभर के 151 विश्वविद्यालय जुड़ चुके हैं। इसमें यूपी से अलीगढ़ मुस्लिम विवि अलीगढ़, सीएसजेयू कानपुर, मोनाड विश्वविद्यालय हापुड़, शिव नाडर यूनिवर्सिटी गौतमबुद्धनगर व सीसीएसयू, मेरठ आदि प्रमुख हैं।

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