यमुनोत्री यात्रा में दो और श्रद्धालुओं की जान गई, मृतकों का आंकड़ा 34 पहुंचा, दिल्ली-यमुनोत्री हाईवे भूस्खलन से बंद
यमुनोत्री धाम की यात्रा के दौरान दो और श्रद्धालुओं की मौत हो गई, जिससे इस सीजन में मरने वालों की ...और पढ़ें
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समय कम है?
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जागरण संवाददाता, उत्तरकाशी। यमुनोत्री धाम की कठिन पैदल यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की तबीयत बिगड़ने और मौत का सिलसिला थम नहीं रहा है। शुक्रवार को यात्रा मार्ग पर अलग-अलग घटनाओं में दो श्रद्धालुओं की जान चली गई।
इनमें एक यात्री की जानकीचट्टी के समीप तबीयत बिगड़ने के बाद मौत हुई, जबकि महाराष्ट्र की महिला तीर्थयात्री ने बड़कोट अस्पताल में उपचार के दौरान दम तोड़ दिया। पुलिस के अनुसार कर्नाटक निवासी गंगधार बीशेठी (66) यमुनोत्री धाम की ओर जा रहे थे।
यात्रा के दौरान अचानक उनकी तबीयत खराब हो गई। परिजन और अन्य लोगों की मदद से उन्हें जानकीचट्टी स्थित अस्पताल पहुंचाया गया। यहां चिकित्सकों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया।
दूसरी घटना में महाराष्ट्र निवासी लक्ष्मी बाई (49) पत्नी नामदेव गतीर की तबीयत दोबाटा में अचानक बिगड़ गई। इसके बाद उन्हें उपचार के लिए बड़कोट अस्पताल लाया गया।
अस्पताल पहुंचने पर चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया पुलिस इंस्पेक्टर सुभाष चंद ने बताया कि दोनों घटनाओं में पुलिस नियमानुसार अग्रिम कार्रवाई कर रही है। शुक्रवार को हुई इन दो मौतों के साथ इस यात्रा सीजन में यमुनोत्री धाम की यात्रा के दौरान जान गंवाने वाले श्रद्धालुओं की संख्या बढ़कर 34 हो गई है।
भूस्खलन से दिल्ली-यमुनोत्री हाईवे बंद
दिल्ली-यमुनोत्री हाईवे पर शुक्रवार शाम सारीगाड के पास भारी भूस्खलन हो गया। इससे हाईवे पर वाहनों की आवाजाही पूरी तरह ठप हो गई है, जिसके चलते नौगांव, पुरोला, बड़कोट और विकासनगर की ओर आवाजाही करने वाले वाहनों के साथ-साथ यमुनोत्री धाम दर्शन के लिए जा रहे यात्रियों के वाहन भी रास्ते में ही फंस गए हैं।
क्षेत्र पंचायत सदस्य (कंडारी) शीतल गौड़ ने बताया कि मार्ग बंद होने से दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गई हैं। शाम ढलते ही बीच रास्ते में फंसे यात्रियों, बुजुर्गों और बच्चों को खाने-पीने और रहने की भारी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।
स्थानीय निवासी महावीर और सोहन बहुगुणा व सोवत राणा ने बताया कि भूस्खलन के कारण स्थानीय आवागमन के साथ-साथ धाम की यात्रा पर निकले श्रद्धालुओं की स्थिति बेहद चिंताजनक बनी हुई है।
इधर, राष्ट्रीय राजमार्ग विभाग के अधिशासी अभियंता मनोज रावत ने बताया कि मार्ग को जल्द से जल्द सुचारू करने के लिए मौके पर दो एक्सावेटर मशीनें तैनात कर दी गई हैं। भूस्खलन अधिक होने के कारण मलबा हटाने में समय लग रहा है, लेकिन विभाग की ओर से तेजी से कार्य जारी है।
| धाम | आज पहुंचे यात्री | अब तक कुल |
| यमुनोत्री धाम | 6,121 | 7,93,929 |
| गंगोत्री धाम | 10,708 | 8,83,041 |
| कुल योग | 16,829 | 16,76,970 |
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