जागरण संवाददाता, उत्तरकाशी: गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के कपाट बंद होने के बाद उत्तरकाशी में नवंबर का पहला पखवाड़ा राम कथा से गुलजार रहेगा। यहां दो नवंबर से दस नवंबर तक मुरारी बापू की राम कथा का आयोजन होना है। इसके लिए ज्ञानसू झील के किनारे कथा पांडाल तैयार हो किया जा रहा है। राम कथा सुनने के लिए विभिन्न स्थानों से दस हजार से अधिक लोग पहुंच रहे हैं। इसके लिए उत्तरकाशी में होटल आदि बुक हो चुके हैं।

गंगोत्री धाम के कपाट अन्नकूट पर्व पर 28 अक्टूबर को शीतकालीन के लिए बंद हो जाएंगे। जबकि, यमुनोत्री धाम के कपाट भैयादूज पर्व पर 29 अक्टूबर को बंद होंगे। लेकिन, दोनों धाम के कपाट बंद होने के बावजूद उत्तरकाशी में मुरारी बापू की कथा को लेकर श्रद्धालुओं की चहल-पहल रहेगी। इसके लिए इन दिनों ज्ञानसू के पास कथा पांडाल व कथा स्थल तैयार किया जा रहा है। इस कार्य में 300 से अधिक कारीगर जुटे हुए हैं। पांडाल में दस हजार से अधिक लोगों के बैठने की व्यवस्था होगी। इसके अलावा लक्षेश्वर में मुरारी बापू की निवासी कुटिया बनाई गई है।

इस आयोजन के लिए विदेशी श्रद्धालुओं के साथ ही उत्तराखंड, राजस्थान, गुजरात, उत्तर प्रदेश, दिल्ली, मध्य प्रदेश व महाराष्ट्र के हजारों श्रद्धालु और श्रोताओं ने पंजीकरण कराया है। ऑफ सीजन में इस तरह के आयोजन को लेकर उत्तरकाशी में होटल व्यवसायी बेहद खुश हैं। होटल एसोसिएशन के अध्यक्ष शैलेंद्र मटूड़ा का कहना है कि कपाट बंद होने के बाद हर वर्ष उत्तरकाशी सन्नाटा पसर जाता है। लेकिन, इस बार राम कथा के आयोजन से एक पखवाड़े तक खासी चहल-पहल रहेगी।

Posted By: Jagran

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