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उत्तरकाशी के उच्च हिमालयी क्षेत्र में फंसे 40 ट्रेकर्स का सफल हेली रेस्क्यू, 96 अभी भी फंसे

Published: Mon, 28 Sep 2026 07:35 PM (IST)

उच्च हिमालयी क्षेत्र में अचानक मौसम बिगड़ने से फंसे 136 पर्वतारोहियों और ट्रेकर्स में से सोमवार को 40 को हेलीकॉप्टर ...और पढ़ें

जागरण संवाददाता, उत्तरकाशी। उच्च हिमालय क्षेत्र में ट्रेकिंग के दौरान अचानक मौसम बदलने से फंसे पर्वतारोही व ट्रेकर्स के रेस्क्यू के लिए सोमवार को युद्धस्तर पर हेली रेस्क्यू अभियान शुरू किया गया। इस दौरान उडन कोल और कालिंदी बेस में फंसे 40 ट्रेकर्स को हेलीकाप्टरों की मदद से रेस्क्यू कर सुरक्षित हर्षिल पहुंचाया गया।

लेकिन दिन में दो बजे बाद मौसम फिर खराब होने पर रेस्क्यू आपरेशन को रोकना पड़ा है। हालांकि तब तक यूकाडा सहित निजी कंपनी के करीब आठ हेलीकाप्टरों की मदद से 40 ट्रेकर्स सुरक्षित निकाले जा चुके थे।

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लेकिन बाद में उच्च हिमालय में मौसम दोबारा बिगड़ने पर रेस्क्यू अभियान को बीच में रोकना पड़ा, जो कि मंगलवार को दोबारा शुरू होगा।बता दें कि बीते शनिवार-रविवार को अचानक बदले मौसम के चलते उच्च हिमालय क्षेत्र में पर्वतारोहण अभियान व ट्रेकिंग के लिए गए 136 पर्वताराेही व ट्रेकर्स फंस गए थे।

इनमें से हाई अल्टीट्यूट एक्सपीडिशन के अंतर्गत कुल 89 तथा हाई अल्टीट्यूड ट्रेकिंग श्रेणी में कालिंदी पास बेस कैंप पर 18 और आडेनकोल पास बेस कैंप पर 29 ट्रेकर्स फंसे थे, जो कि बर्फबारी के चलते न तो नीचे आ पा रहे थे, नहीं आगे अभियान को जारी रख पा रहे थे।

सूचना पर जिला प्रशासन ने तत्काल रेस्क्यू आपरेशन को कार्ययोजना बनाई। जिलाधिकारी प्रशांत आर्य ने मौसम की स्थिति को देखते हुए हेली सेवाओं को पूरी तरह अलर्ट रहने आवश्यकता पड़ने पर हवाई रेस्क्यू शुरू करने के निर्देश दिए थे।

इसी क्रम में सोमवार को मौसम खुलते ही सुबह 9 बजे हेली रेस्क्यू शुरू किया गया। एक-एक कर हेली उड़ान भरते और चार से पांच ट्रेकर्स को लेकर नीचे आते। आपदा प्रबंधन केंद्र से मिली जानकारी के अनुसार अभी तक उडन काेलपास के बेस कैंप से 29 व कालिंदी ट्रेक के बेस कैंप से 11 ट्रेकर्स को सकुशल रेस्क्यू कर हर्षिल पहुंचाया गया है।

वहीं, अब 96 ट्रेकर्स व पर्वतारोहियों को रेस्क्यू किया जाना शेष है। जिलाधिकारी प्रशांत आर्य ने कहा कि रेस्क्यू आपरेशन के लिए हर्षिल को बेस कैंप बनाया गया है, सभी ट्रेकर्स व पर्वतारोहियों को रेस्क्यू कर हर्षिल लाया जा रहा है।

वहीं,मौसम को देखते हुए पैदल रेस्क्यू टीमों आइटीबीपी, एनडीआरएफ, एसडीरएफ व गंंगोत्री नेशनल पार्क की टीमों को भी अलर्ट मोड पर रखा गया है।

हाई अल्टीट्यूट एक्सपीडिशन में कहां कितने पर्वतारोही फंसे

1. माउंट सुदर्शन आरोहण गए तपोवन बेस कैंप -12
2. माउंट भागीरथी द्वितीय गए रक्तवन बेस कैंप-20
3. माउंट भागीरथी द्वितीय गए नंदनवन-9
4. माउंट जोगिन प्रथम गए-8
5. माउंट शिवलिंग गए तपोवन बेस कैंप-5
6. माउंट शिवलिंग गए- 8
7. माउंट सतोपंथ गए वासुकीताल बेस-9
8. श्रीकंठ चोटी श्रीकंठ बेस-18

कुल योग 89

हाई अल्टीट्यूड ट्रेकिंग में कहां कितने फंसे व निकाले


1.कालिंदी पास ट्रेकिंग पर गए कालिंदी बेस में फंसे 18 में से 11 का हुआ रेस्क्यू।
2.उडन कोल पास पर ट्रेकिंग पर गए उडनबेस कैंप में फंसे सभी 29 का हुआ रेस्क्यू।
योग-47

डीएम व एसपी ने हर्षिल पहुंच लिया रेस्क्यू अभियान का जायजा

डीएम प्रशांत आर्य व एसपी कमलेश उपाध्याय ने सोमवार को हेली रेस्क्यू के लिए बेस बनाए गए सेना के हर्षिल हेलीपैड पर पहुंचकर रेस्क्यू अभियान का जायजा लिया।

उन्होंने रेस्क्यू अभियान में जुटी पुलिस, सेना, वायुसेना, एसडीआरएफ, एनडीआरएफ एवं आपदा प्रबंधन की संयुक्त टीमों से राहत एवं बचाव कार्यों की जानकारी ली, साथ ही ट्रेकर्स की वर्तमान लोकेशन, मौसम की स्थिति, हवाई व पैदल रेस्क्यू मार्गों के संबंध में भी जानकारी लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

एसडीआरएफ का 15 सदस्यीय विशेष दल भी जुटा रहा

एसपी कमलेश उपाध्याय ने बताया कि रेस्क्यू अभियान में सीओ संजय उप्रेती के नेतृत्व में देहरादून से एसडीआरएफ का एक 15 सदस्यीय विशेष दल भी रेस्क्यू अभियान में जुटा हुआ है।

वहीं, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की ओर से भी लगातार रेस्क्यू आपरेशन की निगरानी की जा रही है, उन्होंने फंसे ट्रेकर्स को सभी आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराए जाने का भरोसा दिलाया है।