विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 22, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Uttarakhand Tunnel Collapse: रेस्क्यू अभियान में आई तेजी, कल सुबह तक बाहर आ सकते हैं मजदूर; एंबुलेंस तैयार

By Jagran NewsEdited By: Swati Singh
Published: Wed, 22 Nov 2023 09:04 AM (IST)Updated: Wed, 22 Nov 2023 09:14 AM (IST)

Uttarakhand Tunnel Collapse उत्तरकाशी में फंसे 41 मजदूरों को निकालने के लिए जारी रेस्क्यू ऑपरेशन ने गति पकड़ ली है। ...और पढ़ें

उत्तरकाशी में फंसे 41 मजदूरों को निकालने के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है
उत्तरकाशी में फंसे 41 मजदूरों को निकालने के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है

HighLights

  1. उत्तरकाशी टनल हादसे में पिछले 11 दिनों से जारी है रेस्क्यू ऑपरेशन
  2. कल सुबह तक बाहर आ सकते हैं 41 मजदूर

जागरण संवाददाता, उत्तरकाशी। उत्तरकाशी के सिलक्यारा टनल हादसे में अभी भी 41 जिंदगियां कैद हैं। टनल के अंदर पिछले 10 दिनों से 41 मजदूर बाहर आने की उम्मीद लगाए बैठे हैं। पिछले 10 दिनों से यहां युद्धस्तर पर रेस्क्यू ऑपरेशन भी जारी है। मंगलवार की सुबह सुरंग में फंसे 41 श्रमिकों की पहली बार फोटो और वीडियो सामने आने के सुखद समाचार के साथ शुरू हुई थी। अब बुधवार को इस अभियान को लेकर बड़ी खबर सामने आ रही है। 

आज 11वें दिन भी रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है। देश के कोने-कोने से मशीनों को एयरलिफ्ट किया गया है और उत्तरकाशी में दिन रात ड्रिलिंग का काम जारी है। सिलक्यारा सुरंग में फंसे श्रमिकों को निकालने के लिए ऑगर मशीन रात को संचालित की गई। बुधवार की सुबह तक 800 एमएम व्यास के पाइप करीब 32 मीटर तक मलबे में डाले जा चुका है। उम्मीद की जा रही है बुधवार देर रात या फिर गुरूवार की सुबह टनल में फंसे 41 मजदूर बाहर आ सकते हैं।

एंबुलेंस हुए तैयार

रेस्क्यू अभियान ने गति पकड़ ली है। प्रशासन भी अपनी अन्य तैयारी में जुट गया है। श्रमिकों को अस्पताल पहुंचाने के लिए पर्याप्त एंबुलेंस का भी इंतजाम किया जा रहा है। जिसके लिए टिहरी और अन्य जनपद से भी एंबुलेंस मंगाई गई है। उम्मीद है कि बुधवार की रात या बृहस्पतिवार की सुबह तक श्रमिकों का रेस्क्यू किया जा सकेगा। 

यह भी पढ़ें: Uttarakhand Tunnel Collapse: उत्तरकाशी टनल से 41 मजदूरों को निकालने के लिए नया प्लान तैयार, अपनाया जाएगा ये खास तरीका

बढ़ाई गई सुरक्षा-व्यवस्था

सुरंग के आसपास जिला प्रशासन और पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। सुरंग के अंदर जाने वाले श्रमिकों और कर्मचारी की फोन भी सुरंग के गेट पर ही जमा किए जा रहे हैं।

राउरकेला और बेंगलुरु से एयरलिफ्ट की मशीनें

सिलक्यारा सुरंग में फंसे श्रमिकों को निकालने के लिए चलाए जा रहे अभियान में वायु सेना भी निरंतर सहयोग कर रही है। वर्तमान में राहत एवं बचाव कार्यों के सभी मोर्चों पर काम शुरू कर दिया गया है। लिहाजा, विभिन्न एजेंसियों को अत्याधुनिक मशीनों की जरूरत पड़ रही है। इन मशीनों को सुरंग तक पहुंचाने में वायु सेना के मालवाहक विमान मददगार साबित हो रहे हैं। मंगलवार को भी वायु सेना ने 18 टन वजन की विभिन्न अत्याधुनिक मशीनी उपकरणों व 24 विशेष स्पाइरल वेल्ड पाइप को राउरकेला और बंगलुरू से एयरलिफ्ट किया।

सुरंग में फंसे मजदूरों की राज्यवार संख्या

राज्य             -     मजदूरों की संख्या

झारखंड        -            15

उत्तर प्रदेश    -              9

ओडिशा        -              5

बंगाल           -             3

उत्तराखंड      -             2

बिहार           -             4

असम           -            2

हिमाचल प्रदेश   -        1