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    Gangotri से Rameshwaram के लिए दंडवत यात्रा पर निकले तीन साधु, बारिश और भूस्‍खलन के बावजूद बढ़ी भक्ति की शक्ति

    By Nirmala BohraEdited By:
    Updated: Sun, 31 Jul 2022 08:02 PM (IST)

    Gangotri to Rameshwaram Dham Yatra तीन साधुओं ने गंगोत्री से रामेश्वरम धाम के लिए कनक दंडवत यात्रा शुरू की। साधुओं ने गंगोत्री धाम से 29 जुलाई को गंगा जल भरकर यात्रा प्रारंभ की है। यात्रा पूरी होने पर रामेश्वरम धाम में जलाभिषेक किया जाएगा।

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    Gangotri to Rameshwaram Dham Yatra : गंगोत्री धाम से 29 जुलाई को यात्रा प्रारंभ की। फोटो जागरण

    जागरण संवाददाता, उत्तरकाशी : Gangotri to Rameshwaram Dham Yatra :  देश की उन्नति और मानव जनकल्याण के लिए तीन साधुओं ने गंगोत्री से रामेश्वरम धाम (Rameshwaram Dham) के लिए कनक दंडवत यात्रा शुरू की। तीनों साधुओं ने गंगोत्री से गंगा जल भरा है। 3,197.9 किमी की दूरी तय कर रामेश्वरम पहुंचकर तीनों साधु भगवान शंकर का जलाभिषेक करेंगे।

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    29 जुलाई को गंगा जल (Ganga Jal) भरकर यात्रा की प्रारंभ

    गौ लोकधाम गंगापुर मुरैना मध्य प्रदेश के दामोदर दास, कौशल दास व मोनी बाबा रिकार्ड बनाने के लिए सबसे लंबी कनक दंडवत यात्रा पर निकले हैं। तीनों साधुओं ने गंगोत्री धाम से 29 जुलाई को गंगा जल भरकर यात्रा प्रारंभ की है।

    रामेश्वरम धाम (Rameshwaram Dham) में होगा जलाभिषेक

    बारिश और भूस्‍खलन भी उनकी भक्ति को डिगा नहीं पा रहे हैं। भक्ति की शक्ति से वह लगातार अपनी यात्रा पर हैं। यात्रा पर निकले दामोदर दास ने बताया कि वर्षा हो या भूस्खलन उनकी कनक दंडवत यात्रा निरंतर जारी रहेगी। उन्होंने बताया कि मानव जन कल्याण के लिए कनक दंडवत यात्रा निकाली जा रही है। यात्रा पूरी होने पर रामेश्वरम धाम में जलाभिषेक किया जाएगा।

    भव्य बनेगा त्रियुगीनारायण मंदिर (Triyuginarayan Temple)

    श्री बदरीनाथ- केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) (BKTC) के अध्यक्ष अजेंद्र अजय ने रुद्रप्रयाग में भगवान शिव-पार्वती के विवाह स्थल त्रियुगीनारायण मंदिर को भव्य व दिव्य स्वरूप देने के लिए मंदिर समिति के अधिकारियों के साथ मंदिर का निरीक्षण कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। मंदिर के तीर्थ पुरोहितों के साथ इस संबंध में चर्चा भी की।

    शुक्रवार को बीकेटीसी के अजेंद्र समिति के अधिकारियों के साथ त्रियुगीनारायण पहुंचे, सर्वप्रथम मंदिर के दर्शन के बाद मंदिर परिसर का निरीक्षण किया। उन्होंने स्थानीय निवासियों, हक-हकूकधारियों व तीर्थ पुरोहितों के साथ मंदिर परिसर के विकास और सुंदरीकरण पर चर्चा की। अजेंद्र ने मंदिर की जीर्ण-शीर्ण हो रही छत एवं झालर को बदलने के संबंध में आवश्यक कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए।