उत्तरकाशी में स्वाइन फ्लू की दस्तक, चारधाम यात्री दंपती संक्रमित
उत्तरकाशी जिला अस्पताल में केरल के एक दंपती में स्वाइन फ्लू की पुष्टि हुई है, जो चारधाम यात्रा पर आए ...और पढ़ें

प्रतीकात्मक तस्वीर

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जागरण संवाददाता, उत्तरकाशी। देहरादून सहित बड़े शहरों में बढ़ रहे स्वाइन फ्लू के मामलों के बीच जिला अस्पताल उत्तरकाशी में भी स्वाइन फ्लू ने दस्तक दे दी है। यहां गंगोत्री-यमुनोत्री धाम के दर्शन के लिए पहुंचे केरल निवासी दंपती में इसकी पुष्टि हुई है, जिसके बाद उन्हें यहां बनाए आइसोलेशन वार्ड में भर्ती कर उपचार दिया जा रहा है।
जानकारी के अनुसार केरल निवासी दंपती प्रशनन(58) व हरिदर्शन (67) यहां चारधाम की यात्रा पर 42 तीर्थयात्रियों के दल के साथ उत्तरकाशी पहुंचे थे। बीतें दिनों यमुनोत्री धाम की यात्रा के दौरान उन्हें बुखार आया, जिस पर उन्होंने पैरासिटामाल की दवाई ली थी, लेकिन आराम नहीं हुआ।
सोमवार को दोनों को अन्य तीर्थयात्रियों के साथ गंगोत्री धाम के लिए रवाना होना था, लेकिन तबीयत खराब होने के चलते पहले वह जिला अस्पताल उत्तरकाशी पहुंचे। यहां बाह्यरोगी विभाग में जांच के दौरान उनका एच1एन1 टेस्ट किया गया, जिसमें दोनों पाजिटिव मिले।
जिला अस्पताल में तैनात चेस्ट फिजिशियन डा.बीना रमोला ने बताया कि दोनों यात्रियों को अन्य मरीजों से अलग यहां बनाए गए छह बेड के आइसोलेशन वार्ड में भर्ती किया गया है, जिन्हें एंटी वायरल ट्रीटमेंट दिया जा रहा है।
बताया कि जब दोनों आए थे तो उन्हें 100 डिग्री फीवर था, लेकिन अब फीवर नहीं है। बताया कि यात्री बस में तेज बुखार, खांसी, जुकाम, गले में दर्द तथा उल्टी वाले मरीजों का भी टेस्ट किया गया, लेकिन उनमें स्वाइन फ्लू की पुष्टि नहीं हुई।
तेज बुखार, खांसी-जुकाम, गले में दर्द हो तो कराएं जांच
चेस्ट फिजिशियन डा.बीना रमोला ने बताया कि स्वाइन फ्लू के प्रमुख लक्षणों में तेज बुखार, खांसी-जुकाम, गले में दर्द व उल्टी की शिकायत होती है।
बताया कि वर्तमान में वायरल फीवर भी चल रहा है, ऐसे में किसी को भी ऐसे लक्षण हों तो तत्काल चिकित्सक से संपर्क कर एच1एन1 टेस्ट करना चाहिए।
बताया कि यहां वायरल फीवर वाले स्थानीय लोगों का भी यह टेस्ट किया गया है, लेकिन उनमें स्वाइन फ्लू की पुष्टि नहीं हुई। बताया कि एक अत्यधिक संक्रामक श्वसन संक्रमण है, एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में फैल सकता है। इसलिए सतर्कता व तत्परता जरूरी है।
