संवाद सूत्र, पुरोला : सतलुज जल विद्युत परियोजना मोरी-नैटवाड में कार्यरत जेपी कंपनी के श्रमिकों ने विभिन्न मांगों को लेकर सीटू संगठन के नेतृत्व में मोर्चा खोल दिया है। श्रमिकों ने कहा कि परियोजना में कार्यरत श्रमिकों का शोषण किया जा रहा है। उनका कहना है कि श्रम विभाग के मानकों के अनुरूप सुविधाएं नहीं दी जा रही है।

सतलुज जल विद्युत परियोजना मोरी नैटवाड में जेपी कंपनी निर्माण करा रही है। कंपनी से जुड़े श्रमिकों ने गुरुवार को वेतन बढ़ोत्तरी, मजदूरों का बीमा, आदि मांगों को धरना प्रदर्शन किया। श्रमिकों ने कंपनी पर शोषण का आरोप लगाया तथा परियोजना प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी की। मजदूरों ने कहा कि पुराने मानकों पर वेतन दी जा रही है, जबकि नई दरें लागू हो गई हैं। इस लिए अब सभी मजदूरों को नई दरों पर वेतन दिया जाए। साथ ही मजदूरों का बीमा कराया जाए, हटाए गए मजदूरों को काम पर रखने, मजदूरों का ईपीएफ की कटौती व केन्द्र सरकार से मजदूरों को देय एचआरए भत्ता एवं सुविधा भी दी जाए। श्रमिकों ने कहा कि मांग पूरी नहीं होने तक परियोजना के खिलाफ उनका धरना प्रदर्शन जारी रहेगा। वहीं जेपी कंपनी के महाप्रबंधक केके सती ने बताया कि मजदूर संगठन के पदाधिकारियों से दो बार वार्ता हो चुकी है, अभी मांगों के समाधान को लेकर वार्ता जारी है, जल्द ही समस्याओं का समाधान निकाल लिया जाएगा।

Posted By: Jagran

अब खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस, डाउनलोड करें जागरण एप