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उत्तरकाशी: गंगोत्री और यमुनोत्री में बिछी बर्फ की चादर, सुक्की टाप से आगे हाईवे बंद

Published: Fri, 20 Mar 2026 09:41 PM (IST)

उत्तरकाशी में पिछले पांच दिनों से ऊंचाई वाले क्षेत्रों में भारी बर्फबारी और निचले इलाकों में वर्षा हो रही है। ...और पढ़ें

शुक्रवार को गंगोत्री व यमुनोत्री धाम में हुई बर्फबारी का खूबसूरत नजारा।

शुक्रवार को गंगोत्री व यमुनोत्री धाम में हुई बर्फबारी का खूबसूरत नजारा।

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जागरण संवाददाता, उत्तरकाशी। पिछले पांच दिनों से जनपद के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी तो निचले इलाकों में वर्षा का सिलसिला जारी है। ऊंचाई वाले गंगोत्री व यमुनोत्री धाम बर्फ की सफेद चादर से ढक गए हैं।

शुक्रवार सुबह से दिनभर जिला मुख्यालय सहित सभी तहसील क्षेत्रों में वर्षा जारी रहने से आम जन जीवन प्रभावित रहा।

वहीं, लगातार बर्फबारी के चलते गंगोत्री हाईवे पर सुक्कीटाप से आगे वाहनों की आवाजाही ठप हो गई है। बर्फबारी व वर्षा के चलते जनपद में कड़ाके की सर्दी महसूस की जा रही है।

snowfall in Gangotri Dham

बीते 15 मार्च को अचानक बदले मौसम के मिजाज के बाद से ही जनपद में रुक-रुककर वर्षा व बर्फबारी का दौर जारी है।

इससे जहां वन क्षेत्रों में लगी आग पूरी तरह बुझ गई है, वहीं वन क्षेत्रों में नमी लौटने से अब वनाग्नि की घटनाओं पर कुछ समय के लिए ब्रेक लगने की उम्मीद है।

_Gangotri Dham

गंगोत्री धाम से विजय सेमवाल ने बताया कि शुक्रवार शाम तक धाम में दो फीट तक बर्फबारी की उम्मीद है।

आपदा कंट्रोल रूम से मिली जानकारी के अनुसार दोपहर बाद बीआरओ के द्वारा सुक्की टाप से गंगोत्री हाईवे पर बर्फ हटाने का काम शुरू किया गया, लेकिन लगातार बर्फबारी से इसमें दिक्कतें आ रही हैं।

snowfall in Yamunotri Dham

उधर, यमुनोत्री धाम सहित ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी से पूरी यमुनाघाटी भी शीतलहर की चपेट में है। ऊपरी क्षेत्रों में जहां बर्फ की मोटी परत जम गई है।

वहीं, निचले इलाकों में हो रही वर्षा से आम जनजीवन प्रभावित हुआ है। यमुनोत्री हाईवे पर फूलचट्टी में पत्थर गिरने की खबर है, जहां पत्थर व मलबा हटाने का काम जारी है।

निर्माण व मरम्मत कार्यों पर असर

बड़कोट। तापमान में लगातार गिरावट के कारण यमुनोत्री धाम के पैदल मार्ग पर चल रहे निर्माण और मरम्मत कार्यों पर भी असर पड़ा है।

लोक निर्माण विभाग द्वारा किए जा रहे कार्य बर्फबारी के चलते धीमे पड़ गए हैं। ठंड बढ़ने से कई मजदूर काम छोड़कर वापस बड़कोट लौटने लगे हैं। एक श्रमिक ने बताया कि अत्यधिक ठंड में काम करना मुश्किल हो गया है।

सीएम से नहीं मिल सकी मंदिर समिति

बड़कोट। अधूरी व्यवस्थाओं को लेकर मंदिर समिति में नाराजगी देखने को मिल रही है। समिति के कोषाध्यक्ष प्रदीप उनियाल ने बताया कि प्रतिनिधिमंडल मुख्यमंत्री से मिलने देहरादून गया था, लेकिन कार्यक्रम में व्यस्तता के कारण मुलाकात नहीं हो सकी।

हालांकि मुख्य सचिव से हुई बातचीत में घाटों व सुरक्षा से जुड़े कार्य शीघ्र पूरे कराने का आश्वासन मिला है।

मंदिर समिति का कहना है कि यमुनोत्री धाम की सुरक्षा और व्यवस्थाओं को लेकर लंबे समय से मांग उठाई जा रही है, लेकिन हर बार कपाट खुलने से ठीक पहले ही प्रशासन सक्रिय होता है, जिससे समय पर कार्य पूरे नहीं हो पाते।

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