जागरण संवाददाता, उत्तरकाशी : सीमांत जनपद उत्तरकाशी के दो अस्पतालों को जल्द ही अल्ट्रासाउंड मशीन मिलने जा रही हैं। इसके लिए जिला स्वास्थ्य विभाग ने कवायद शुरू कर दी है। इससे सबसे अधिक सुविधा गर्भवती महिलाओं को मिलेगी। इससे प्रसव से पहले शिशु की स्थिति के बारे में चिकित्सकों को जानकारी मिल जाती है। जिससे यह तय हो जाता है कि प्रसव सामान्य स्थिति में होगा या फिर ऑपरेशन के जरिये।

उत्तरकाशी जनपद में अभी तक केवल जिला अस्पताल और सीएचसी नौगांव में अल्ट्रासाउंड मशीन हैं। जिसके कारण सुदूरवर्ती मोरी व पुरोला क्षेत्र की गर्भवतियों को अल्ट्रासाउंड कराने के लिए नौगांव आना पड़ता है। सप्ताह में केवल तीन दिन ही नौगांव में रेडियोलॉजिस्ट बैठता है। जिसके कारण गर्भवतियों को देहरादून व अन्य प्राइवेट अस्पताल के चक्कर लगाने पड़ते हैं। जबकि जिला मुख्यालय में भी चिन्यालीसौड़, भटवाड़ी व डुंडा क्षेत्र की गर्भवती महिलाएं अल्ट्रासाउंड के लिए आती हैं। डिप्टी सीएमओ डॉ. सीएस रावत ने कहा कि एक गर्भवती को दो बार अल्ट्रासाउंड करना पड़ता है। जिससे गर्भ में शिशु की स्थिति का पता चलता है। साथ ही शिशु की ग्रोथ की भी सही जानकारी मिलती है। जिसके कारण प्रसव के दौरान किसी तरह की परेशानी न हो। जिससे पहले से ही समान्य स्थिति और गंभीर स्थिति का पता रहे। गर्भवतियों को उन्हीं के क्षेत्र के सरकारी अस्पताल में अल्ट्रासाउंड की सुविधा देने के लिए पुरोला और चिन्यालीसौड़ सीएचसी में मशीन लगाने का प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है। उत्तरकाशी के मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. डीपी जोशी ने कहा कि अल्ट्रासाउंड मशीन लगाने के लिए पर्याप्त धनराशि विभाग के पास आ चुकी है। अल्ट्रासाउंड मशीन को खरीदने के लिए प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है। 15 अगस्त से पहले यह प्रक्रिया पूरी हो जाएगी। पुरोला और चिन्यालीसौड़ सीएचसी में ये अल्ट्रासाउंड मशीन लगाई जाएंगी। गर्भवती महिलाओं अलावा अन्य मरीजों को भी इसकी सुविधा मिलेगी।

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Posted By: Jagran

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