संवाद सूत्र, बड़कोट : पहाड़ी क्षेत्रों में पहले ही अस्पताल की कमी है और ऐसे में बर्फबारी ने मरीजों की राह और दुश्वार कर दी है। नौ जनवरी को बर्फबारी और पाले ने वाहनों के पहिये रोक दिए, जिसके कारण एक गर्भवती को निजी वाहन में ही बच्चे को जन्म देना पड़ा। बर्फ और पाले के कारण दुर्घटना के डर से वाहन चालक भी जोखिम नहीं उठाना चाहते हैं।

बड़कोट तहसील के बनास गांव के पूर्व प्रधान विजय पंवार ने बताया कि यमुनोत्री हाईवे असनोल गाड़, हनुमानचट्टी, फूलचट्टी और जंगलचट्टी के पास बर्फबारी के कारण बंद है। लोनिवि व एनएच ने कुछ दिन पूर्व मार्ग से बर्फ तो हटाई है, लेकिन सड़क पर बर्फ की परत के ऊपर पाला जमने से आवाजाही खतरे से भरी है। इससे सुबह, शाम और रात को कोई भी वाहन चालक आपातस्थिति में भी वाहन चलाने को तैयार नहीं है। उन्होंने बताया कि बीती 9 जनवरी को बनास गांव के आशीष लाल की पत्नी को प्रसव पीड़ा हुई। ग्रामीणों ने किसी तरह से प्रसव पीड़िता को पांच किलोमीटर दूर हनुमानचट्टी पहुंचाया। लेकिन, शाम होने के कारण वहां कोई वाहन नहीं मिला। 108 सेवा के वाहन नहीं पहुंचे, 10 जनवरी की सुबह एक वाहन चालक को तैयार किया गया। लेकिन, कुछ ही दूर जाने पर महिला ने वाहन में ही बच्चे को जन्म दिया। उन्होंने कहा कि भले ही दोनों जच्चा-बच्चा सुरक्षित हैं, पर लोनिवि व एनएच की ओर से पाला प्रभावित क्षेत्रों में चूना नहीं डाला जा रहा है तथा सही ढंग से बर्फ भी नहीं हटाई जा रही है।

Posted By: Jagran

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