जागरण संवाददाता, उत्तरकाशी : सीमांत जनपद उत्तरकाशी के बढ़ती महंगाई के खिलाफ जिला मुख्यालय में भारत बंद का काफी असर दिखा है। जिला मुख्यालय में कांग्रेस, सीपीआइ व बसपा ने मुख्यालय के सभी स्कूलों को बंद कराया। मेडिकल की दुकानों को छोड़ कर होटल व सब्जी की दुकानें बंद कराई गई। जिला मुख्यालय में दो पेट्रोल पंपों को भी सुबह दस बजे से लेकर एक बजे तक बंद कराया गया। तीनों दलों ने बाजार में जुलूस निकाला और पेट्रोल पंप पर धरना दिया। मुख्य बाजार में पुतला भी दहन किया।

उत्तरकाशी जिला मुख्यालय में कांग्रेस नेता पूर्व विधायक विजयपाल सजवाण व सीपीआइ नेता महावीर प्रसाद भट्ट के नेतृत्व में उत्तरकाशी बाजार में जुलूस निकाला गया। सुबह के समय कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने स्कूलों में जाकर छुट्टी कराई, जिससे स्कूली बच्चों को भी परेशानी उठानी पड़ी। इस दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं और स्कूल संचालकों के बीच विवाद भी हुआ। शहर में होटल डेयरी आदि बंद कराने को लेकर भी विवाद की स्थिति बनी। हालांकि उत्तरकाशी के निकट बडेथी, मातली, डुंडा, जोशियाड़ा लदाड़ी, गंगोरी भटवाड़ी बाजार में बंद का कोई खास असर नहीं दिखा। वहीं चिन्यालीसौड़ में बढ़ती महंगाई के खिलाफ ब्लाक कांग्रेस कमेटी के ब्लाक कांग्रेस अध्यक्ष राजेंद्र ¨सह के नेतृत्व में केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की गई तथा पुतला दहन किया। इस मौके पर पीसीसी सदस्य शूरवीर रांगड़, शहर अध्यक्ष पूरण बिष्ट, अध्यक्ष व्यापार मण्डल कृष्णा नौटियाल, शंकर, रूकम, विजय बडोनी, सूरज, मदन बिजल्वाण, सचिन आदि कार्यकर्ता उपस्थित थे। कांग्रेसी कार्यकर्ताओं ने नौगांव चौराहे पर बढ़ती महंगाई के खिलाफ सिलेंडर लेकर सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इस मौके पर ब्लाक अध्यक्ष राम प्रसाद सेमवाल, मोहन सिलवाल, दया चंद, कृपाल राणा, आशीष रावत, कुलदीप, राजेश रावत, रमेश इंदवाण, वासू देवी आदि शामिल थे। बड़कोट में कांग्रेसी कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार का पुतला फूंका तथा बाजार में जुलूस निकाला। इस मौके पर संजय डोभाल, अतोल रावत, जोगेंद्र चौहान, बलदेव नेगी, हरिमोहन आदि मौजूद थे। वहीं पुरोला में कांग्रेस ने जुलूस निकाला तथा बाजार में प्रदर्शन किया। इस मौके पर जिलाध्यक्ष राजेंद्र राणा, ब्लाक अध्यक्ष जगदीश गुसाईं, प्यारेलाल, हिमानी, हरिमोहन नेगी, शोभाराम नौडियाल, दिनेश खत्री आदि मौजूद थे। गंगोत्री विधायक गोपाल सिंह रावत ने दावा किया कि कांग्रेस का बंद बेअसर रहा। जबरदस्ती स्कूलों को बंद कराया और स्कूल प्रबंधकों व शिक्षकों के साथ अभद्रता की गई। पेट्रोल पंप को भी जबरन बंद कराया गया।

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