उत्तरकाशी, [जेएनएन]: उत्तरकाशी में चीन सीमा पर सेना और भारत-तिब्बत सीमा पुलिस बल (आइटीबीपी) का संयुक्त युद्धाभ्यास चल रहा है। आपरेशन अलर्ट नाम से 15 सितंबर से शुरू हुआ यह अभ्यास 15 अक्टूबर तक जारी रहेगा। इसके अलावा वायुसेना भी अलग से चिन्यालीसौड़ हवाई पट्टी पर अभ्यास कर रही है। इससे पहले अप्रैल में भी वायुसेना ने यहां अभ्यास किया था।

सामरिक दृष्टि से उत्तराखंड में चीन सीमा बेहद संवेदनशील है। पिछले दिनों चमोली जिले के बाड़ाहोती में दो बार चीनी सैनिकों की घुसपैठ के मामले सामने आ चुके हैं। ऐसे में आपरेशन अलर्ट को बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। नेलांग घाटी में आइटीबीपी की नौ चौकियां हैं।

सूत्रों के अनुसार इस युद्धाभ्यास में आइटीबीपी के साथ ही सेना की इन्फैंट्री और आर्टलरी के जवान भाग ले रहे हैं। अभियान को पूरी तरह से गोपनीय रखा गया है। दूसरी ओर शुक्रवार को वायु सेना ने भी चिन्यालीसौड़ी हवाई पट्टी पर अभ्यास शुरू किया। सुबह करीब 10.30 बजे इलाहाबाद से वायु सेना के मालवाहक विमान ने चिन्यालीसौड़ हवाई पट्टी पर लैंडिंग की। करीब बीस मिनट वायु सेना के जवानों ने हवाई पट्टी पर ही अभ्यास किया।

निर्माणीधीन हवाई पट्टी के प्रोजेक्ट मैनेजर घनश्याम सिंह ने बताया कि शनिवार को भी अभ्यास जारी रहेगा। इसके एक अक्टूबर तक चलने की संभावना है। गौरतलब है कि अप्रैल में भी वायुसेना आपरेशन गगनशक्ति के तहत चिन्यालीसौड़ में अभ्यास कर चुकी है। वायु सेना के अभ्यास का कार्यक्रम की पुष्टि उत्तरकाशी के जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने भी की। गौरतलब है कि चिन्यालीसौड़ हवाई पट्टी से चीन सीमा करीब 120 किमी की हवाई दूरी पर है।

वर्ष 2013 में आपदा के दौरान यहां सीजे-हरक्यूलिस विमान उतरा गया था। डोकलाम विवाद के बाद वायु सेना ने हवाई पट्टी का निरीक्षण शुरू किया। वर्ष 2017 में वायु सेना के उच्चाधिकारियों ने ने तीन बार हवाई पट्टी का निरीक्षण किया था। दिसंबर 2017 में भी वायु सेना ने एक दिन एएन 32 मालवाहक विमान की लैंडिंग की थी। इसी साल फरवरी में भी वायुसेना के अधिकारी हवाई पट्टी का निरीक्षण कर चुके हैं।

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Posted By: Sunil Negi

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