जागरण संवाददाता, उत्तरकाशी : कोषागार में हुए गबन के मामले में कोतवाली उत्तरकाशी पुलिस ने एक और आरोपित को गिरफ्तार कर लिया है। जबकि तीन अभी फरार चल रहे हैं। मामले में अभी तक दो आरोपित गिरफ्तार हो चुके हैं।

जनवरी के प्रथम सप्ताह में उत्तरकाशी कोषागार में गबन का मामला सामने आया था। मामले में सहायक कोषाधिकारी धर्मेद्र शाह, सहायक लेखाकार महावीर नेगी और पीआरडी की पूर्व कर्मचारी टिहरी गढ़वाल जिले की ल्वारखा निवासी आरती के विरुद्ध करीब 42 लाख रुपये के गबन का मुकदमा दर्ज किया गया था। मामले की विभागीय जांच और पुलिस की विवेचना शुरू हुई तो दो और कर्मियों के नाम सामने आए। जिनमें पीआरडी कर्मी सुधा उनियाल निवासी उत्तरकाशी के बैंक खाते में 1.80 लाख और गौरव रावत निवासी जोशीयाडा के बैंक खाते में 8.93 लाख रुपये डाले गए। इस मामले में कोतवाली पुलिस ने सहायक लेखाकार महावीर सिंह नेगी निवासी ग्राम कुमाल्टी भटवाड़ी को पूर्व में ही गिरफ्तार कर दिया था। जबकि शुक्रवार को कोतवाली पुलिस ने सहायक कोषाधिकारी धर्मेंद्र शाह निवासी ग्राम मुखवा थाना हर्षिल को लदाड़ी के पास से गिरफ्तार किया। जबकि तीन आरोपित अभी फरार चल रहे हैं। ये आरोपित मृतक पेंशनरों को जीवित दर्शाकर उनकी पेंशन अपने खातों में ट्रांसफर कर सरकारी धन का गबन करते थे। इस मामले में कोषागार के तत्कालीन जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं। कोतवाली निरीक्षक राजीव रौथाण ने बताया कि सहायक कोषाधिकारी धर्मेद्र शाह को गिरफ्तार किया गया। अन्य की गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है। उनको भी जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

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