जागरण संवाददाता, उत्तरकाशी : नगर पालिका बाड़ाहाट के सामने जिला प्रशासन और लोनिवि बौना साबित हो रहा है। नगर पालिका ने रातों-रात कलेक्ट्रेट के निकट निर्माणाधीन तिलोथ पुल की एप्रोच पर बिना अनुमति के दुकानें बना डाली हैं। जिलाधिकारी सहित अन्य अधिकारियों के आदेशों को भी पालिका ने धता बताया। अब जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने इस मामले में एसडीएम भटवाड़ी से रिपोर्ट मांगी है। साथ ही इस मामले में कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। वहीं नगर पालिकाध्यक्ष ने हर हाल में दुकानों का निर्माण करने की बात कही।

तिलोथ के पास निर्माणाधीन पुल के निकट पुल के एप्रोच वाले क्षेत्र में नगर पालिका बाड़ाहाट ने बिना किसी की अनुमति के अवैध निर्माण किया है। यहां तक कि निर्माण में एनजीटी के नियमों को भी ताक में रखा गया है। मानकों के अनुसार भागीरथी (गंगा) नदी के किनारे किसी भी नए भवन का निर्माण नहीं हो सकता है। इसके अलावा नगर पालिका ने जिला विकास प्राधिकरण से भी इस निर्माण के लिए अनुमति नहीं ली है। बिना अनुमति के ही लोनिवि की ओर से बनाए जा रहे पुल के एप्रोच क्षेत्र में निर्माण कर डाला। इस मामले में लोनिवि ने दो सप्ताह पहले नगर पालिका को नोटिस भी दिया था साथ ही प्रशासन के संज्ञान में भी इस मामले को लाया गया। जिस पर जिला प्रशासन ने तत्काल प्रभाव से निर्माण रोकने के निर्देश पालिका को दिए, लेकिन पालिका ने जिला प्रशासन के निर्देशों को धता बताते हुए बीते शुक्रवार की रात को दुकानों पर छत भी डाल दी।

इस मामले में नगर पालिका अध्यक्ष रमेश सेमवाल ने कहा कि लोनिवि ने पालिका को नोटिस दिया था। जिसका जवाब पालिका ने दिया है कि उस स्थान का संयुक्त सर्वे कराया जाए। अगर लोनिवि की भूमि होगी तो वे निर्माण को हटा देंगे। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन की ओर से भी शुक्रवार रात को काम रोकने के लिए कहा गया था, लेकिन वह दुकानों का निर्माण करवाकर रहेंगे। जिससे दुकानें उन गरीब लोगों को दी जा सके। जिनके पास रोजगार के कोई भी साधन नहीं हैं।

Posted By: Jagran

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