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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 04, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

चारधाम यात्रा के वैकल्पिक मार्ग से नहीं हट रहा मलबा, गंगोत्री हाईवे पर वाहनों का दबाव

Published: Sat, 04 Oct 2025 08:33 PM (IST)

चारधाम यात्रा के वैकल्पिक मार्ग पर भूस्खलन का मलबा जमा होने से यात्रियों को खतरा बना हुआ है। मनेरा-बड़ेथी मार्ग ...और पढ़ें

सड़क पर पसरे भूस्खलन के मलबे के चलते जोखिम के साथ गुजर रहे वाहन चालक। जागरण
सड़क पर पसरे भूस्खलन के मलबे के चलते जोखिम के साथ गुजर रहे वाहन चालक। जागरण

HighLights

  1. भूस्खलन से चारधाम यात्रा मार्ग अवरुद्ध
  2. गंगोत्री हाईवे पर बढ़ा वाहनों का दबाव
  3. स्थानीय लोगों ने जताया दुर्घटना का डर

जागरण संवाददाता, उत्तरकाशी । मानसून सीजन निपटने के बाद भी चारधाम यात्रा के वैकल्पिक मार्ग मनेरा-बड़ेथी पर वर्षा के दौरान आया भूस्खलन का मलबा नहीं हट पाया है। इस कारण वाहन चालक जोखिम के बीच आवाजाही करने को मजबूर हैं, जिससे दुर्घटना का खतरा बना हुआ है।

वहीं, मलबे के चलते भारी वाहन भी वैकल्पिक मार्ग से आवजाही नहीं कर पा रहे हैं। इससे शहर के बीच से गुजरने वाले गंगोत्री हाईवे पर वाहनों का दबाव बना हुआ है। बता दें कि करीब नौ किमी लंबा तेखला जोशियाड़ा मनेरा बड़ेथी मार्ग चारधाम यात्रा का वैकल्पिक व महत्वपूर्ण मार्ग है, इस मार्ग पर मनेरा के तिरपानी क्षेत्र में मार्ग निर्माण के बाद से ही भूस्खलन जोन सक्रिय हैं, जो कि खासतौर पर वर्षाकाल में सक्रिय होने से यहां भूस्खलन का मलबा व बोल्डर गिरते रहते हैं।

इस बार भी यह मार्ग वर्षाकाल में भूस्खलन के चलते लंबे समय तक बंद रहा है। लेकिन अब मानसून सीजन बीते 15 दिन से अधिक का समय होने के बावजूद भी मार्ग पर वर्षाकाल में आया भूस्खलन का मलबा नहीं हट पाया है, जिस कारण मार्ग पर वाहन जोखिम के बीच आवाजाही करने को मजबूर हैं।

जबकि, यहां से केंद्रीय विद्यालय समेत एक निजी स्कूल की बसें भी आवागमन करती हैं। मनेरा क्षेत्र के विकास महर, महावीर बिष्ट, विजय आदि का कहना है कि भूस्खलन के मलबे से दुर्घटना का खतरा है। मलबा को जल्द हटाया जाना चाहिए। भूस्खलन जोन के ट्रीटमेंट के लिए बने योजना भूस्खलन का मलबा हटाने के साथ ही

भूस्खलन जोन के ट्रीटमेंट की योजना बनाई जाना जरूरी है। यहां पहाड़ी से करीब चार से पांच जगह भूस्खलन हो रहा है। सबसे मुख्य एक जगह है जहां पर पहाड़ी से करीब 400 मीटर से अधिक की ऊंचाई से भूस्खलन हो रहा है, जो कि साल दर साल बढ़ता जा रहा है, इससे गिरने वाले बोल्डर व मलबे से हर पल दुर्घटना का खतरा रहता है। वर्तमान में विभागीय मशीनें अन्य साइटों पर लगी हुई हैं।

मशीनों के आते ही एक सप्ताह के भीतर मनेरा-बड़ेथी मार्ग पर मनेरा तिरपानी क्षेत्र में आया भूस्खलन का मलबा हटा दिया जाएगा। भूस्खलन जोन के स्थायी ट्रीटमेंट को लेकर भी प्रस्ताव तैयार करेंगे। -अंदीप राणा, अधिशासी अभियंता लोनिवि भटवाड़ी।