जागरण संवाददाता, उत्तरकाशी। उत्तरकाशी जिला मुख्यालय के पास मनेरा बाइपास मार्ग पर लगातार पहाड़ी से मलबा और पत्थर गिर रहे हैं। यहां कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। शनिवार रात और रविवार की सुबह भी बिना बारिश के मनेरा बाइपास पर ज्ञानसू के सामने की पहाड़ी से भूस्खलन हुआ। इसके कारण बाइपास बाधित हुआ। जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी देवेंद्र पटवाल ने कहा कि सुरक्षा की दृष्टि से यातायात को रोका गया है।

उत्तराखंड में इन दिनों जगह-जगह भूस्खलन की घटनाएं हो रही हैं। बारिश के दौरान लगातार सड़क मार्ग बाधित हो रहे हैं। कई जगहों पर तो पहाड़ी से पत्थर गिर रहे हैं, इससे जनहानि भी हुई है। बीते शनिवार को डबराणी के पास पहाड़ी से भारी भूस्खलन हुआ। इस दौरान एक भेड़ पालक और एक ढाबा संचालक की जान बाल-बाल बची। इसके साथ ही गंगोत्री नेशनल हाईवे पर आवाजाही करने वाले करीब 25 व्यक्तियों की जान स्वयं सेवक राजेश रावत की सतर्कता से बच पाए। ये दृश्य बेहद डरावना था। ऐसा लग रहा था मानो पूरी पहाड़ी नीचे आ गिरी हो।

कार के ऊपर पत्थर गिरने से हुई थी प्रोफेसर की मौत 

आपको बता दें कि 21 जुलाई को ऋषिकेश-बदरीनाथ हाईवे पर भी तोताघाटी में चलती कार के ऊपर पत्थर आ गिरा था, जिससे कार सवार प्रोफेसर मनोज सुंदरियाल की मौत हो गई थी। इस दुर्घटना में प्रो. सुंदरियाल के भाई और चालक बाल-बाल बचे थे। इस जगह बार-बार भूस्खलन होता रहता है, जिससे कई बार मार्ग भी बाधित होता है और यातायात को रोक दिया जाता है। 

कई मार्गों पर आवाजाही ठप

मौसम के तल्ख तेवर के बीच उत्तराखंड के पहाड़ी क्षेत्रों में बंद पड़े मार्गों को खोलने का कार्य भी जारी है। कुछ स्थानों पर संपर्क मार्ग पिछले तीन दिन से बाधित हैं। खासकर उत्तरकाशी में सर्वाधिक 52 मार्ग बंद पड़े हैं। इसके अलावा चमोली में 24 और पौड़ी में 22 मार्गों पर आवाजाही ठप है।

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Edited By: Raksha Panthri