संवाद सूत्र, बड़कोट : गंगनानी में आयोजित वसंत मेला (कुंड की जातर) के दूसरे दिन सांस्कृतिक कार्यक्रमों की धूम छायी रही। कड़ाके की ठंड और हल्की बारिश में ग्रामीणों का उत्साह कम नहीं हुआ। मेले में आयोजित दंगल में भी दर्शकों की भीड़ उमड़ी। साथ ही ग्रामीणों ने बढ़-चढ़कर प्रतिभाग किया।

गुरुवार को गढ़वाल मंडल विकास निगम के अध्यक्ष महावीर ¨सह रांगड़ ने मेले में शिरकत की। रांगड़ ने रवाईं की संस्कृति की सराहना करते हुए कहा कि इस मेले को और बृहद बनाया जाना चाहिए। इसके लिए वह प्रदेश सरकार से बात करेंगे। उन्होंने कहा कि कुंड की जातर पौराणिक ही नहीं, बल्कि सांस्कृतिक और पारंपरिक विरासत हैं और हमें इस विरासत को आने वाली पीढ़ी तक संजोए रखना है। इस मौके पर जिला पंचायत अध्यक्ष जशोदा राणा ने कहा कि इस पौराणिक मेले की पौराणिकता को बचाए रखने में स्थानीय लोगों का बड़ा सहयोग मिल रहा है। जिला पंचायत उत्तरकाशी ने भी इस मेले के आयोजन को और अधिक भव्य बनाने का प्रयास किया है।

इसके बाद मेले में गढ़वाली लोक गायक मनोज सागर ने लामों तेरु घागरु.., घोटा सेमानिये भांग भरी.., गीतों की श्रृंखलाबद्ध प्रस्तुतियां देकर दर्शकों और मुख्य अतिथियों को थिरकने पर मजबूर कर दिया। इसके साथ ही मेले में कस्तूरबा गांधी जूनियर हाईस्कूल के स्कूली छात्र-छात्राओं ने सांस्कृतिक कार्यक्रम की प्रस्तुति दी। रंवाल्टी कवि सम्मेलन में कवियों ने अपनी स्वरचित कविताओं का गुणगान कर हास्य और भंग्य कविताओं की प्रस्तुति देकर श्रोतागणों का जमकर मनोरंजन किया। इस दौरान मेले में महिला और पुरुष पहलवानों ने अखाड़े में अपना दमखम दिखाया, जो दर्शकों के आकर्षण का केंद्र रहा। इस मौके पर भाजपा जिलाध्यक्ष श्याम डोभाल, विनोद राणा, दिनेश भारती, हर्ष अग्निहोत्री आदि मौजूद थे।

Posted By: Jagran

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