संवाद सहयोगी, उत्तरकाशी : सीमांत जिले में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की स्वच्छ भारत मिशन योजना परवान नहीं चढ़ रही है। गंगोत्री धाम से लेकर चिन्यालीसौड़ तक गंगा किनारे जगह-जगह गंदगी डंप हो रही है। सारा मैला भागीरथी नदी में बह रहा है। स्वच्छ भारत मिशन योजना भाषणों तक ही सिमटकर रह गई है।

स्वच्छ भारत मिशन योजना के तहत केंद्र और प्रदेश में इन दिनों स्वच्छता पखवाड़ा अभियान चल रहा है। इस अभियान के तहत सरकारी, गैर सरकारी, राजनीतिक संगठन, संस्थाएं मोदी के इस अभियान को सफल बनाने की मुहिम में जुटे हुए हैं। इस अभियान को संचालित हुए चार वर्ष का समय बीत चुका है, लेकिन अफसोस जिले में मोदी के अभियान को पलीता लग गया है। इसका उदाहरण जिला मुख्यालय से महज दो किमी दूर तेखला गदेरे में जमा गंदगी को देखकर लगाया जा सकता है। कई साल से शहर की सारी गंदगी इसी गदेरे में जमा हो रही है, जो इन दिनों बरसात के दौरान सीधे भागीरथी नदी में बह रहा है। आलम यह है कि गदेरे की सारी गंदगी नदी में प्रवाहित होने के साथ ही तेखला के वा¨शदों के लिए मुसीबत बनी हुई है। नगर पालिका बाड़ाहाट प्रशासन के पास डं¨पग जोन नहीं होने के कारण कई साल से इसी गदेरे में शहर की गंदगी को डंप किया जा रहा है। स्थानीय लोगों ने यहां जमा गंदगी से परेशान होकर शासन-प्रशासन के खिलाफ कई बार धरना-प्रदर्शन करने के साथ ही ज्ञापन सौंपे। बावजूद इसके स्वच्छ भारत मिशन केवल सफेद हाथी बनकर रह गया। आलम यह है कि जोशियाड़ा पुल के किनारे जमा गंदगी, वाल्मीकि बस्ती में जमा गंदगी, बिशना मोहल्ला, डुंडा, चिन्यालीसौड़ की सारी गंदगी गंगा नदी में बह रही है। नगरपालिका बाड़ाहाट में प्रशासक और भटवाड़ी उपजिलाधिकारी देवेंद्र नेगी ने भी इस सच को स्वीकार किया। कहा कि जब तक उन्हें नया डं¨पग जोन नहीं मिलता, स्थिति जस की तस रहेगी। हालांकि उन्होंने हरिद्वार से कुछ लोगों को बुलाया है, जो गदेरे में जमा कूड़ा प्लास्टिक को एकत्रित कर रिसाइकल के लिए ले जा रहे हैं। इससे गदेरे में जमा गंदगी थोड़ी कम होगी।

Posted By: Jagran