संवाद सहयोगी, उत्तरकाशी: सीमांतवर्ती जिले के मोरी, पुरोला और नौगांव ब्लॉक में सर्व शिक्षा अभियान के तहत संचालित कस्तूरबा गांधी बालिका छात्रावास की चाहरदीवारी चार वर्ष बाद भी नहीं बन पाई है। वहीं निर्माणदायी संस्था उत्तर प्रदेश निर्माण निगम लिमिटेड इकाई नई टिहरी छात्रावास की चाहरदीवारी को पूरा करने के लिए टालमटोल कर रही है। चाहरदीवारी नहीं होने के चलते छात्रावास में रहने वाली छात्राओं को आसपास जंगली जानवरों का भय सता रहा है। लेकिन, संबंधित विभाग बच्चों की सुरक्षा के साथ भी खिलवाड़ कर रहे हैं।

सर्व शिक्षा अभियान के जिला समन्वयक बालिका शिक्षा पंकज पुष्प रावत ने बताया कि मोरी ब्लॉक के खरसाड़ी, पुरोला के कंडियाल गांव और नौगांव के गंगाड़ी में सर्व शिक्षा अभियान के तहत कस्तूरबा गांधी बालिका छात्रावास संचालित हो रहा है। इन छात्रावासों में लगभग 90 से 100 बालिकाएं रहती हैं। सर्व शिक्षा अभियान की ओर से वर्ष 2008-09 में लगभग 23 लाख धनराशि से यहां छात्रावास का निर्माण प्रस्तावित किया था। जिसमें कार्यदायी संस्था उत्तर प्रदेश निर्माण निगम लिमिटेड, इकाई नई टिहरी ने इसकी जिम्मेदारी ली थी। लेकिन, संबंधित कंपनी की धीमी कार्य की रफ्तार के चलते छात्रावास का कार्य अधूरा पड़ा है। निर्माण कार्य पूरा हो, इसके लिए निर्माणदायी संस्था ने वर्ष 2013-14 में छात्रावास निर्माण के लिए करीब 90 लाख धनराशि का रिवाइज स्टीमेट शासन को भेजा था। जिसमें कार्यदायी संस्था ने छात्रावास का निर्माण तो कर दिया, लेकिन इन छात्रावासों में अभी तक चाहरदीवारी का निर्माण नहीं हो पाया है। उन्होंने बताया कि कार्यदायी संस्था से कई बार छात्रावासों में चाहरदीवारी निर्माण की बात की गई। लेकिन, निर्माणदायी संस्था काम करने के बजाय टालमटोल कर अपना पल्ला झाड़ रही है। कहा कि यदि निर्माणदायी संस्था जल्द अपना निर्माण कार्य पूरा नहीं करती तो वह अन्य विभाग को यह काम सौंपकर कार्य पूरा कराएंगे।

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अभी दो सप्ताह पहले ही पदभार संभाला है। मामला क्या है, अधीनस्थ अधिकारियों से जानकारी प्राप्त करने के बाद आगे की उचित कार्रवाई की जाएगी।

पीके सेन, उत्तर प्रदेश निर्माण निगम लिमिटेड, इकाई नई टिहरी, प्रोजेक्ट मैनेजर

Posted By: Jagran