बर्नीगाड़ डिग्री कॉलेज: 107 से अधिक गांवों के छात्रों को मिलेगा उच्च शिक्षा का वरदान
बर्नीगाड़ में नए राजकीय डिग्री कॉलेज के खुलने से पुरोला, यमुनोत्री, चकराता और धनोल्टी विधानसभा क्षेत्रों के 107 से अधिक गांवों के छात्रों को उच्च शिक्षा का लाभ मिलेगा।

HighLights
बर्नीगाड़ डिग्री कॉलेज से 107 से अधिक गांवों को लाभ।
वाणिज्य, बीसीए, बीबीए, मास कम्युनिकेशन जैसे नए कोर्स उपलब्ध।
ग्रामीण छात्रों को घर के पास मिलेगी उच्च शिक्षा।
कुंवर सिंह तोमर, बर्नीगाड़। यमुना घाटी के बर्नीगाड़ में राजकीय डिग्री कॉलेज खुलने से पुरोला, यमुनोत्री, चकराता और धनोल्टी विधानसभा क्षेत्रों के 107 से अधिक गांवों के छात्र-छात्राओं को लाभ मिलने की उम्मीद है। क्षेत्र में उच्च शिक्षा की सुविधाओं का विस्तार होने से स्थानीय युवाओं को घर के नजदीक रहकर पढ़ाई करने का अवसर मिलेगा। इससे दूरदराज के ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थियों को विशेष लाभ होगा।
पुरोला विधायक दुर्गेश लाल ने बताया कि बर्नीगाड़ में डिग्री कॉलेज खुलने से क्षेत्र के विद्यार्थियों को पहली बार वाणिज्य विषय के साथ-साथ बीसीए, बीबीए, बीटीएस और मास कम्युनिकेशन जैसे विषयों में शिक्षा प्राप्त करने का अवसर मिलेगा।
उन्होंने कहा कि अभी तक तकनीकी एवं व्यावसायिक शिक्षा के लिए विद्यार्थियों को देहरादून या दूसरे शहरों का रुख करना पड़ता था। अब स्थानीय स्तर पर ऐसी सुविधाएं उपलब्ध होने से विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों को राहत मिलेगी, साथ ही ग्रामीण क्षेत्र के युवाओं के लिए उच्च शिक्षा की राह आसान होगी। प्राचार्य राजेंद्र प्रसाद बडोनी ने बताया कि अभी तक 10 छात्र छात्राओं का एडमिश हो चुका है आगे और एडमिशन होने की उम्मीद है।
उच्च शिक्षा के लिए विद्यार्थियों के सामने बड़ी चुनौती
पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष नारायण सिंह चौहान ने बताया कि मुगरसंती के 65 गांव, खाटल के 12 गांव, गोडर के 27 गांव और लाखामंडल के 22 गांवों के साथ ही तपलाड़ खत, बनगांव खत, भोंदूर खत और लालूर पट्टी के छात्र-छात्राएं भी इस महाविद्यालय से लाभान्वित होंगे। उन्होंने कहा कि भौगोलिक परिस्थितियों के कारण उच्च शिक्षा के लिए दूर जाना क्षेत्र के विद्यार्थियों के सामने बड़ी चुनौती रही है। बर्नीगाड़ में डिग्री कॉलेज की स्थापना से इस समस्या को कम करने में मदद मिलेगी।
बर्नीगाड़ क्षेत्र के स्थानीय निवासी अनिल चौहान, रणवीर रावत, घनश्याम डोभाल, सिंगुनी, अबल सिंह चौहान, लोकेंद्र नौटियाल, सरदार सिंह राणा और दिनेश नौटियाल सहित अन्य लोगों ने यमुना घाटी में इस प्रकार के बहुआयामी डिग्री कॉलेज की स्थापना पर खुशी जाहिर की।
उन्होंने कहा कि महाविद्यालय खुलने से ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के बेहतर अवसर मिलेंगे और क्षेत्र के शैक्षिक विकास को नई दिशा मिलेगी। स्थानीय लोगों ने उम्मीद जताई कि महाविद्यालय में भवन, परिसर, शिक्षकों और आवश्यक शैक्षणिक सुविधाओं का जल्द विकास होगा, जिससे विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल सकेगी।
